फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आखिर हमारे देश का नाम कैसे पड़ा भारत? बड़ा ही रोचक है इतिहास

Thu, 04 Jun 2020 01:37 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 04 Jun 2020 01:37 PM IST
विज्ञापन
How was the country named Bharat Interesting facts and history
भारत नाम कैसे पड़ा? - फोटो : Amar Ujala

देश का नाम बदलने पर बहस छिड़ी है, संविधान में दर्ज 'इंडिया दैट इज भारत' को बदलकर केवल भारत करने की मांग उठ रही है। इस बारे में एक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई, जिसपर बुधवार को अदालत ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की मांग थी कि इंडिया ग्रीक शब्द इंडिका से आया है और इस नाम को हटाया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने अदालत से अपील की थी कि वो केंद्र सरकार को निर्देश दे कि संविधान के अनुच्छेद-1 में बदलाव कर देश का नाम केवल भारत करे। 



सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि संविधान में पहले से ही भारत का जिक्र है। संविधान में लिखा है 'इंडिया डैट इज भारत।'

सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस याचिका को संबंधित मंत्रालय में भेजा जाना चाहिए और याचिकाकर्ता सरकार के सामने अपनी मांग रख सकते हैं। यह कोई नई बात नहीं है कई देश अपना नाम बदल चुके हैं। आइए जानते हैं कि भारत को कितने अलग-अलग नामों से जाना जाता रहा है और उनके पीछे की कहानी क्या है। 

How was the country named Bharat Interesting facts and history
भारत का झंडा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

प्राचीनकाल से भारतभूमि के अलग-अलग नाम रहे हैं मसलन जम्बूद्वीप, भारतखंड, हिमवर्ष, अजनाभवर्ष, भारतवर्ष, आर्यावर्त, हिन्द, हिंदुस्तान और इंडिया। मगर इनमें भारत सबसे ज्यादा लोकमान्य और प्रचलित रहा है। नामकरण को लेकर सबसे ज्यादा धारणाएं एवं मतभेद भी भारत को लेकर ही है। भारत की वैविध्यपूर्ण संस्कृति की तरह ही अलग-अलग कालखंडों में इसके अलग-अलग नाम भी मिलते हैं। इन नामों में कभी भूगोल उभर कर आता है तो कभी जातीय चेतना और कभी संस्कार। 

हिंद, हिंदुस्तान, इंडिया जैसे नामों में भूगोल उभर रहा है। इन नामों के मूल में यूं तो सिंधु नदी प्रमुखता से नजर आ रही है, मगर सिंधु सिर्फ एक क्षेत्र विशेष की नदी भर नहीं है। सिंधु का अर्थ नदी भी है और सागर भी। उस रूप में देश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र को किसी जमाने में सप्तसिंधु या पंजाब कहते थे तो इसमें एक विशाल उपजाऊ इलाके को वहां बहने वाली सात अथवा पांच प्रमुख धाराओं से पहचानने की बात ही तो है। इसी तरह भारत नाम के पीछे सप्तसैन्धव क्षेत्र में पनपी अग्निहोत्र संस्कृति (अग्नि में आहुति देना) की पहचान है।  

How was the country named Bharat Interesting facts and history
भगवान राम और उनके भाई भरत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

भारत के दावेदार कई 'भरत'

पौराणिक युग में भरत नाम के अनेक व्यक्ति हुए हैं। दुष्यन्तसुत के अलावा दशरथपुत्र भरत भी प्रसिद्ध हैं जिन्होंने खड़ाऊं राज किया। नाट्यशास्त्र वाले भरतमुनि भी हुए हैं। एक राजर्षी भरत का भी उल्लेख है जिनके नाम पर जड़भरत मुहावरा ही प्रसिद्ध हो गया। मगधराज इन्द्रद्युम्न के दरबार में भी एक भरत ऋषि थे। एक योगी भरत हुए हैं। पद्मपुराण में एक दुराचारी ब्राह्मण भरत का उल्लेख बताया जाता है।

ऐतरेय ब्राह्मण में भी दुष्यन्तपुत्र भरत ही भारत नामकरण के पीछे खड़े दिखते हैं। ग्रंथ के अनुसार, भरत एक चक्रवर्ती सम्राट यानी चारों दिशाओं की भूमि का अधिग्रहण कर विशाल साम्राज्य का निर्माण कर अश्वमेध यज्ञ किया, जिसके चलते उनके राज्य को भारतवर्ष नाम मिला। 

इसी तरह मत्स्यपुराण में उल्लेख है कि मनु को प्रजा को जन्म देने वाले वर और उसका भरण-पोषण करने के कारण भरत कहा गया। जिस खंड पर उसका शासन-वास था, उसे भारतवर्ष कहा गया। नामकरण के सूत्र जैन परंपरा तक में मिलते हैं। भगवान ऋषभदेव के ज्येष्ठ पुत्र महायोगी भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा। संस्कृत में वर्ष का एक अर्थ इलाका, बंटवारा, हिस्सा आदि भी होता है।   

विज्ञापन
विज्ञापन
How was the country named Bharat Interesting facts and history
राजा दुष्यन्त और शकुंतला (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

दुष्यन्त-शकुंतला पुत्र भरत

आमतौर पर भारत नाम के पीछे महाभारत के आदिपर्व में आई एक कथा है। महर्षि विश्वामित्र और अप्सरा मेनका की बेटी शकुंतला और पुरुवंशी राजा दुष्यन्त के बीच गान्धर्व विवाह होता है। इन दोनों के पुत्र का नाम भरत हुआ। ऋषि कण्व ने आशीर्वाद दिया कि भरत आगे चलकर चक्रवर्ती सम्राट बनेंगे और उनके नाम पर इस भूखंड का नाम भारत प्रसिद्ध होगा। 

अधिकांश लोगों के दिमाग में भारत नाम की उत्पत्ति की यही प्रेमकथा लोकप्रिय है। आदिपर्व में आए इस प्रसंग पर कालिदास ने अभिज्ञानशाकुन्तलम् नामक महाकाव्य रचा। मूलतः यह प्रेमाख्यान है और माना जाता है कि इसी वजह से यह कथा लोकप्रिय हुई। दो प्रेमियों के अमर प्रेम की कहानी इतनी महत्वपूर्ण हुई कि इस महादेश के नामकरण का निमित्त बने शकुंतला-दुष्यन्तपुत्र यानी महाप्रतापी भरत के बारे में अन्य बातें जानने को नहीं मिलतीं। 

इतिहास के अध्येताओं का आमतौर पर मानना है कि भरतजन इस देश में दुष्यन्तपुत्र भरत से भी पहले से थे। इसलिए यह तार्किक है कि भारत का नाम किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर न होकर जाति-समूह के नाम पर प्रचलित हुआ।   

विज्ञापन
How was the country named Bharat Interesting facts and history
हवन कुंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

भरत गण से भारत

भरतजन अग्निपूजक, अग्निहोत्र व यज्ञप्रिय थे। वैदिकी में भरत/भरथ का अर्थ अग्नि, लोकपाल या विश्वरक्षक (मोनियर विलियम्स) और एक राजा का नाम है। यह राजा वही 'भरत' है जो सरस्वती, घग्घर के किनारों पर राज करता था। संस्कृत में 'भर' शब्द का एक अर्थ है युद्ध। दूसरा है 'समूह' या 'जन-गण' और तीसरा अर्थ है 'भरण-पोषण'। 

जानेमाने भाषाविद डॉ. रामविलास शर्मा कहते हैं, 'ये अर्थ एक दूसरे से भिन्न व परस्पर विरोधी जान पड़ते हैं। अतः भर का अर्थ युद्ध और भरण-पोषण दोनों हो तो यह इस शब्द की अपनी विशेषता नहीं है। 'भर' का मूलार्थ गण यानी जन ही था। गण के समान वह किसी भी जन के लिए प्रयुक्त हो सकता था। साथ ही वह उस गण विशेष का भी सूचक था जो 'भरत' नाम से विख्यात हुआ।' 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed