{"_id":"6810b0e4ce5b408f940d8f90","slug":"girl-did-not-get-seat-in-ac-coach-she-travelled-in-the-general-compartment-shared-experience-post-goes-viral-2025-04-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Viral Post: एसी कोच में नहीं मिली सीट तो लड़की ने जनरल डिब्बे में किया सफर, साझा किया ऐसा अनुभव कि नहीं भूल...","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Viral Post: एसी कोच में नहीं मिली सीट तो लड़की ने जनरल डिब्बे में किया सफर, साझा किया ऐसा अनुभव कि नहीं भूल...
Tue, 29 Apr 2025 04:29 PM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Tue, 29 Apr 2025 04:29 PM IST
सार
General Coach Viral Post: आज की इस खबर में हम आपको ऐसे पोस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें एक लड़की ने सीट न मिलने की वजह से जनरल डिब्बे में सफर किया, लेकिन उसका अनुभव काफी डरावना रहा। तो आइए जानते हैं कि लड़की ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा है।
विज्ञापन
लड़की ने जनरल कोच में किया सफर
- फोटो : freepik.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रेलवे का जनरल डिब्बा लोगों की भीड़, गर्मी और मेहनत भरी जिंदगी का आइना है और भारत के कई लोग इसी डिब्बे में सफर करते हैं और आने-जाने के लिए जनरल डब्बे का ही इस्तेमाल करते हैं, जो लोग हमेशा एसी कोच में सफर करते हैं, उनके लिए जनरल डिब्बा किसी दूसरी ही दुनिया जैसा लगता है। कुछ ऐसा ही अनुभव एक लड़की ने पहली बार जनरल कोच में सफर करके महसूस किया और उसे रेडिट पर शेयर किया। तो आज की इस खबर में हम आपको ऐसे पोस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें एक लड़की ने सीट न मिलने की वजह से जनरल डिब्बे में सफर किया, लेकिन उसका अनुभव काफी डरावना रहा। तो आइए जानते हैं कि लड़की ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा है।
वायरल हुआ यह पोस्ट
रेडिट पर @SuitableAttention430 नाम की यूजर ने एक पोस्ट लिखी जिसका नाम था, ‘पहली बार जनरल क्लास में यात्रा की और इसने मेरा नजरिया बदल दिया।’ उन्होंने बताया कि वह हमेशा एसी डिब्बों में सफर करती थीं, लेकिन एक दिन अचानक सफर का प्लान बन गया और तत्काल टिकट नहीं मिल पाया। इसलिए उन्हें मजबूरी में मध्य प्रदेश से दिल्ली तक जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ी।
जनरल डिब्बे में लड़की ने किया सफर
उनका सोचना था कि शायद बैठने के लिए थोड़ी जगह मिल जाएगी, लेकिन जैसे ही ट्रेन आई, वह हैरान रह गईं। भीड़ इतनी थी कि चढ़ना भी मुश्किल हो गया। किसी तरह धक्का-मुक्की के बाद वह अंदर गईं और खड़े होने के लिए एक छोटा-सा कोना मिल पाया। करीब दो घंटे तक वह बस खड़ी रहीं। थोड़ी देर बाद उन्हें एक सीट मिल गई। इस दौरान एक औरत ने उन्हें अपनी गोद में बैठने भी दिया। फिर उन्हें और जगह मिल गई। जब उन्होंने अपने भाई को सीट दिलाने की कोशिश की, तो वहां बैठे एक शख्स ने मना कर दिया और कहा कि उसने उन्हें इसलिए सीट दी क्योंकि वह लड़की हैं।
विज्ञापन
वॉशरूम तक नहीं जा पाई लड़की
सफर के दौरान उन्होंने एमपी और राजस्थान के कुछ लोगों से बातचीत की, हंसी-मजाक किया और उनके अनुभव सुने। कोटा स्टेशन पर उनके परिवार को बहुत मुश्किल से सीट मिली, लेकिन भीड़ अब भी कम नहीं हुई थी। कुछ लोग जमीन पर लेटे थे और बाकी लोग उनके ऊपर से चल रहे थे। उन्होंने वॉशरूम का इस्तेमाल भी नहीं किया क्योंकि हिलने की जगह भी नहीं थी। लड़की का कहना था कि पूरे 12 घंटे के इस सफर ने उनकी सोच बदल दी। उन्होंने महसूस किया कि लाखों लोग हर दिन ऐसे ही कठिन हालातों में सफर करते हैं। इस अनुभव ने उन्हें सिखाया कि वे कितनी खुशकिस्मत हैं और जनरल कोच में सफर करने वालों के लिए उनके मन में अब बहुत इज्जत है।
विज्ञापन
वायरल हुआ यह पोस्ट
रेडिट पर @SuitableAttention430 नाम की यूजर ने एक पोस्ट लिखी जिसका नाम था, ‘पहली बार जनरल क्लास में यात्रा की और इसने मेरा नजरिया बदल दिया।’ उन्होंने बताया कि वह हमेशा एसी डिब्बों में सफर करती थीं, लेकिन एक दिन अचानक सफर का प्लान बन गया और तत्काल टिकट नहीं मिल पाया। इसलिए उन्हें मजबूरी में मध्य प्रदेश से दिल्ली तक जनरल कोच में यात्रा करनी पड़ी।
विज्ञापन
जनरल डिब्बे में लड़की ने किया सफर
उनका सोचना था कि शायद बैठने के लिए थोड़ी जगह मिल जाएगी, लेकिन जैसे ही ट्रेन आई, वह हैरान रह गईं। भीड़ इतनी थी कि चढ़ना भी मुश्किल हो गया। किसी तरह धक्का-मुक्की के बाद वह अंदर गईं और खड़े होने के लिए एक छोटा-सा कोना मिल पाया। करीब दो घंटे तक वह बस खड़ी रहीं। थोड़ी देर बाद उन्हें एक सीट मिल गई। इस दौरान एक औरत ने उन्हें अपनी गोद में बैठने भी दिया। फिर उन्हें और जगह मिल गई। जब उन्होंने अपने भाई को सीट दिलाने की कोशिश की, तो वहां बैठे एक शख्स ने मना कर दिया और कहा कि उसने उन्हें इसलिए सीट दी क्योंकि वह लड़की हैं।
विज्ञापन
वॉशरूम तक नहीं जा पाई लड़की
सफर के दौरान उन्होंने एमपी और राजस्थान के कुछ लोगों से बातचीत की, हंसी-मजाक किया और उनके अनुभव सुने। कोटा स्टेशन पर उनके परिवार को बहुत मुश्किल से सीट मिली, लेकिन भीड़ अब भी कम नहीं हुई थी। कुछ लोग जमीन पर लेटे थे और बाकी लोग उनके ऊपर से चल रहे थे। उन्होंने वॉशरूम का इस्तेमाल भी नहीं किया क्योंकि हिलने की जगह भी नहीं थी। लड़की का कहना था कि पूरे 12 घंटे के इस सफर ने उनकी सोच बदल दी। उन्होंने महसूस किया कि लाखों लोग हर दिन ऐसे ही कठिन हालातों में सफर करते हैं। इस अनुभव ने उन्हें सिखाया कि वे कितनी खुशकिस्मत हैं और जनरल कोच में सफर करने वालों के लिए उनके मन में अब बहुत इज्जत है।