{"_id":"6acf6a2ebce31af19b006d03","slug":"argentina-temporarily-closes-iguazu-falls-after-el-ni-o-fuelled-surge-in-water-levels-2026-10-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अल नीनो का असर! उफान पर पहुंच गई नदी, अर्जेंटीना के मशहूर इगुआजु फॉल्स को करना पड़ा बंद","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
अल नीनो का असर! उफान पर पहुंच गई नदी, अर्जेंटीना के मशहूर इगुआजु फॉल्स को करना पड़ा बंद
Wed, 14 Oct 2026 05:10 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह
Updated Wed, 14 Oct 2026 05:10 PM IST
सार
खतरनाक होते अल नीनो का असर अब दिखने लगा है। दक्षिणी अमेरिका देश अर्जेंटीना में भारी बारिश के बाद इगुआजु नदी में इतना पानी बढ़ गया कि इगुआजु फॉल्स को बंद करना पड़ा।
विज्ञापन
अल नीनो का असर! उफान पर पहुंच गई नदी, अर्जेंटीना के मशहूर इगुआजु फॉल्स को करना पड़ा बंद
- फोटो : AI
विस्तार
दक्षिणी अमेरिका देश अर्जेंटीना में भारी बारिश हुई है, जिसकी वजह से इगुआजु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके कारण इगुआजु फॉल्स में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध इगुआजु जलप्रपात के पास नेशनल पार्क के अधिकारियों ने पर्यटकों की आवाजाही पर कुछ समय के लिए के रोक लगा दी है। प्रशासन ने यह कदम नदी में बाढ़ और बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया है। नदी में पानी का बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड के पार पहुंच चुका था, जिसकी वजह से खतरा पैदा हो गया था। इस घटना को अल नीनो और भारी बारिश से जोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
नदी में पानी बढ़ने का कारण अल-नीनो के साथ ही लगातार बारिश और बांधों से छोड़ा गया पानी भी था। इगुआजु जलप्रपात अर्जेंटीना और ब्राजील की सीमा पर स्थित है। यह दुनिया के प्रसद्धि झरनों में से एक है। झरने को देखने को हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ जाने से झरने के पास बने रास्तों पर खतरा पैदा हो सकता था। इसके बाद अधिकारियों ने लोगों की सुरक्षा के लिए रास्ता बंद कर दिया।
विज्ञापन
इगुआजु नदी में सामान्य तौर पर प्रति सेकेंड करीब 1,500 से 1,800 क्यूबिक मीटर पानी बहता है, लेकिन 12 अक्तूबर को यह बहाव 12,000 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड से अधिक हो गया। इसका मतलब है कि नदी में पानी का बहाव सामान्य से छह गुना से भी अधिक बढ़ गया था। लगातार भारी बारिश और नदी में ऊपरी इलाकों में बने बांधों से पानी छोड़ा गया जिसके कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके कारण झरने के आसपास खतरा बढ़ गया। अधिकारियों ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आवाजाही पर रोक लगा दी। बाद में पानी कम होने पर 13 अक्तूबर से पर्यटकों को फिर से अनुमित दे दी गई।
विज्ञापन
नीलगाय के बच्चे को जिंदा निगल गया अजगर, रेस्क्यू के दौरान उगल दिया, वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो
अल-नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है। इस घटना के दौरान समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जो हवा और बारिश को प्रभावित करता है। दुनिया के कुछ इलाकों में अधिक बारिश हो सकती है, तो वहीं कुछ स्थानों पर सूखे का खतरा हो सकता है। विश्व मौसम संगठन ने हाल ही में कहा था कि अल-नीनो मजबूत हो रहा है।
टैक्सी ड्राइवर ने सामान उठाने से किया मना, पैसेंजर से पूछा- गाड़ी बुक की है या मुझे? वीडियो पर छिड़ी बहस
अक्तूबर से दिसंबर के बीच प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी इलाके में समुद्र की सतह तापमान सामान्य से लगभघ 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इसके दिसबंर के समय सबसे अधिक मजबूत होने की संभावना है। अल-नीनो दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी बारिश को प्रभावित करता है। हालांकि, इगुआजु नदी में बाढ़ की वजह सिर्फ अल-नीनो को नहीं माना जा सकता। इस इलाके में लगातार बारिश और बांधों से छोड़े पानी का भी असर पड़ा।