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Viral News: शख्स ने किया अपने ही मरने का नाटक, देखना था मौत पर कौन देगा कंधा और कौन रोएगा, जानें पूरी कहानी
Wed, 15 Oct 2025 09:55 AM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 15 Oct 2025 09:55 AM IST
सार
Viral News: मोहन लाल भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिक रह चुके हैं। उन्होंने गांव के कुछ लोगों को बुलाया और उनसे कहा कि वे उन्हें एक सजाई हुई अर्थी पर बिठाकर श्मशान घाट तक ले जाएं। जैसे किसी की असली शवयात्रा निकाली जाती है।
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जिंदा शख्स ने निकलवाई अपनी शवयात्रा
- फोटो : एक्स
विस्तार
बिहार के गया जिले से हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां रहने वाले 74 साल के मोहन लाल नाम के शख्स ने जीवित रहते हुए खुद का अंतिम संस्कार आयोजित कर डाला। यह घटना गया जिले के गुरारू प्रखंड के कोंची गांव की है। असल में मोहन लाल यह देखना चाहते थे कि अगर उनकी मौत हो जाए तो कितने लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, कौन उनके लिए आंसू बहाएगा और कौन उन्हें याद करेगा। आइए जानते हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना
मोहन लाल भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिक रह चुके हैं। उन्होंने गांव के कुछ लोगों को बुलाया और उनसे कहा कि वे उन्हें एक सजाई हुई अर्थी पर बिठाकर श्मशान घाट तक ले जाएं। जैसे किसी की असली शवयात्रा निकाली जाती है। वैसे ही यह यात्रा पूरे रीति-रिवाजों के साथ हुई। बैकग्राउंड में भावुक गीत बजाए गए और गांव में माहौल एकदम असली अंतिम संस्कार जैसा बना दिया गया।
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यह है इसके पीछे की वजह
जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैली, लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचने लगे। सैकड़ों ग्रामीण इस अनोखी शवयात्रा को देखने आए। सभी तब दंग रह गए जब श्मशान घाट पहुंचकर अचानक मोहन लाल उठ खड़े हुए। बाद में एक पुतले का दाह संस्कार किया गया और वहां मौजूद लोगों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया। मोहन लाल का कहना था कि वे यह जानना चाहते थे कि उनके जाने के बाद कितने लोग उन्हें याद करेंगे और उनके अंतिम संस्कार में आएंगे। उन्होंने कहा, “जब कोई मर जाता है, तो लोग अर्थी उठाते हैं, लेकिन मैं खुद जीते-जी यह अनुभव करना चाहता था और यह भी देखना चाहता था कि लोग मुझे कितना मान और प्यार देते हैं।”
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गांव वालों ने की तारीफ
गांव के लोग भी मोहन लाल के सामाजिक कामों की तारीफ करते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने खर्चे पर गांव में एक सुसज्जित श्मशान घाट बनवाया है ताकि बरसात के दिनों में अंतिम संस्कार करने में लोगों को परेशानी न हो। उनकी पत्नी जीवन ज्योति का निधन करीब 14 साल पहले हो गया था। मोहन लाल के दो बेटे और एक बेटी हैं। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग इसे “फेक फ्यूनरल ड्रामा” कह रहे हैं। किसी ने इसे मजाक बताया तो किसी ने इसे सिर्फ ध्यान अट्रैक्ट करने की कोशिश कहा। हालांकि मोहन लाल का कहना है कि उनका मकसद बस इतना था कि वे यह जान पाएं कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें कितनी सच्ची श्रद्धा और स्नेह देंगे।