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Bihar: '2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना था लक्ष्य', पटना में गिरफ्तार आतंकियों ने किए कई खुलासे
Thu, 14 Jul 2022 11:47 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 14 Jul 2022 11:47 AM IST
सार
पटना पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 6-7 जुलाई को स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया। उन्होंने कई युवाओं को धार्मिक हिंसा के लिए भी उकसाया।
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पटना में दो आतंकी गिरफ्तार
- फोटो : Social media
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विस्तार
बिहार की राजधानी पटना में देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों में एक झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दरोगा मोहम्मद जलालुद्दीन है तो दूसरा पीएफआई का मौजूदा सदस्य अतहर परवेज है। जलालुद्दीन पहले सिमी से जुड़ा था।
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पटना पुलिस के मुताबिक, आतंकियों ने पटना के फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस की दूसरी मंजिल को ट्रेनिंग सेंटर बनाया था। ये पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से भी जुड़े थे, जो बिहार में कई जगहों में फैले हुए हैं। पकड़े गए दोनों आतंकी मार्शल आर्ट की आड़ में आतंक की ट्रेनिंग दे रहे थे। इनके पास से PFI-SDPI का गुप्त दस्तावेज ‘मिशन 2047’ मिला है जिसमें 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की बात कही गई है।
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मार्शल आर्ट के नाम पर दे रहे थे आतंकी ट्रेनिंग: एसएसपी
एसएसपी के मुताबिक आरोपियों ने 6-7 जुलाई को स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया। उन्होंने कम उम्र के युवाओं को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया। एसएसपी ने कहा कि हमारे पास सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ गवाहों के खाते भी हैं। परवेज ने आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए लाखों रुपये चंदा जुटाया।
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दूसरे राज्यों से भी आते थे लोग
फुलवारी शरीफ के अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया, जांच में पता चला है कि दूसरे राज्यों से भी लोग पटना में उनसे मिलने आते थे और अपनी पहचान बदलकर पटना के होटलों में रहते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से कई दस्तावेज भी बरामद किए। परवेज का छोटा भाई सिमी पर प्रतिबंध के बाद राज्य में हुए कुछ बम विस्फोटों के मामले में 2001-02 में जेल गया था।
विदेशी संगठनों से संपर्क
जांच में सामने आया कि परवेज विदेशी संगठनों के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाता था। प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर रहा है।
आतंकियों के दस्तावेज में बहुसंख्यक समुदाय को कायर बताया गया: एसएसपी
एसएसपी ने बताया कि 'इंडिया विजन 2047' शीर्षक से साझा किए गए 8-पृष्ठ लंबे दस्तावेज का एक अंश कहता है, 'पीएफआई को विश्वास है कि भले ही कुल मुस्लिम आबादी का 10 फीसदी इसके पीछे हो, लेकिन PFI कायर बहुसंख्यक समुदाय को वश में करेगा और गौरव वापस लाएगा।
बिहार में पीएफआई के निशाने पर थे पीएम मोदी
पुलिस जांच के मुताबिक, चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े आतंकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की फिराक में थे। आतंकी मॉड्यूल का 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है। इस मामले में कुल 26 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री मोदी 12 जुलाई को झारखंड के देवघर में बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के बाद पटना पहुंचे थे। पटना में वह बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह में शामिल हुए थे। दिल्ली से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर बिहार पुलिस ने बुधवार को संदिग्धों को हिरासत में लिया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकी प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे से दो सप्ताह पहले से प्रशिक्षण ले रहे थे।
अतहर परवेज पटना गांधी मैदान में हुए बम धमाके का आरोपी मंजर का सगा भाई है। पटना पुलिस के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में गांधी मैदान में हुए ब्लास्ट के कई आरोपियों को छुड़ाने के लिए अतहर परवेज ने जमानत की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में घूम-घूमकर अशिक्षित एवं गुमराह युवकों को आतंकी प्रशिक्षण देने का काम किया करते थे।