Bihar: सुशील मोदी बोले- लालू से हाथ मिला तेजस्वी को सीएम बनाने की तैयारी में थे ललन, नीतीश ने रास्ते से हटाया
Bihar : हमने पहले भविष्यवाणी कर दी थी कि ललन सिंह को हटाए जाएंगे। क्योंकि, उन्होंने जदयू पार्टी से 12-13 विधायकों को तोड़ लिया था। ललन सिंह ने लालू यादव से हाथ मिलाकर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी कर ली थी।
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भाजपा से राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ललन सिंह पर एक बार फिर से निशाना साधा है। शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हमने पहले भविष्यवाणी कर दी थी कि ललन सिंह को हटाए जाएंगे। क्योंकि, उन्होंने जदयू पार्टी से 12-13 विधायकों को तोड़ लिया था। सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि ललन सिंह ने लालू यादव से हाथ मिलाकर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी कर ली थी। लेकिन, सीएम नीतीश कुमार को इसकी भनक लग गई। इसलिए उन्होंने समय रहते ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया।
खेल की है यह शुरुआत है बहुत कुछ अभी है बाकी
सुशील मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि ललन सिंह को हटाना खेल की शुरुआत है। अभी बहुत कुछ बाकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गलतफहमी है कि इंडी गठबंधन उन्हें संयोजक या पीएम पद के लिए पार्टी का चेहरा बनाएगा। एनडीए में आने के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हो गए हैं।
ललन बाबू किस खेत की मूली हैं
गिरिराज सिंह ने भी इस मामले पर तंज कसते हुए कहा था कि नीतीश कुमार जी वह व्यक्ति हैं जिनका इतिहास देखना होगा। इन्होने जोर्ज फर्नांडिस को नहीं बर्दाश्त किया, शरद जी को नहीं बर्दाश्त किया। उनके सबसे करीबी उनको भी नहीं बक्शा। तीन-तीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को हटाने का काम किया, तो फिर ललन बाबू किस खेत की मुली हैं। उनको भी अगर हटा देते हैं तो कोई बड़ी बात नहीं।
मुख्यमंत्री का दोहरा चरित्र है
लोक जन शक्ति पार्टी रामविलास प्रमुख चिराग पासवान भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर बरसे थे। चिराग पासवान ने कहा कि आज नीतीश कुमार जी ने ललन बाबू से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छीन कर स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये हैं और बोल रहे हैं कि "मैं चुनौती स्वीकार करता हूं" और फिर आप कह रहे है कि "मैं बनना नहीं चाहता" तो ये दोहरा चरित्र क्या दर्शाता है। मुख्यमंत्री जी 2020 बिहार विधनसभा चुनाव के बाद जब आपकी पार्टी बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी बनी थी तब भी आप कहे थे कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता, लेकिन आप आपने स्वार्थ के लिए मुख्यमंत्री बने।