{"_id":"61fa50605cb2e90162534e77","slug":"supreme-court-granted-parole-to-rupam-pathak-who-is-serving-a-life-sentence-of-murder-of-bjp-mla","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार: उम्रकैद की सजा काट रही रूपम पाठक को सुप्रीम कोर्ट ने दी पैरोल, भाजपा विधायक की हत्या में सुनाई गई थी सजा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार: उम्रकैद की सजा काट रही रूपम पाठक को सुप्रीम कोर्ट ने दी पैरोल, भाजपा विधायक की हत्या में सुनाई गई थी सजा
Wed, 02 Feb 2022 03:05 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 02 Feb 2022 03:05 PM IST
सार
रूपम पाठक ने बेटी के कथित यौन शोषण के आरोप में भाजपा विधायक की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा विधायक राज किशोर केसरी की हत्या मामले में उम्र कैद की सजा काट रही महिला रूपम पाठक को सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन की पैरोल दी है। उन्होंने बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में रूपम पाठक की याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने भी कहा कि उन्हें पैरोल पर कोई आपत्ति नहीं है। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि रूपम पाठक को बेटी की शादी में कन्यादान की विधि में शामिल होने की इजाजत दी जा सकती है।
विज्ञापन
चार जनवरी, 2011 में हुई हत्या
राज किशोर केसरी बिहार के पूर्णिया से भाजपा विधायक थे। उन पर एक लड़की का यौन शोषण करने का आरोप था, इसके बाद लड़की की मां रूपम पाठक ने राज किशोर केसरी की पूर्णिया पर उनके आवास में ही चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
धान घोटाले के मामले में एक आरोपित को जमानत
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में धान घोटाले से संबंधित एक मामले में एक आरोपित को जमानत दे दी। चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता अशोक कुमार के दो साल से अधिक समय से जेल में होने के कारण जमानत दी है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि इस बात पर गौर करते हुए कि याचिकाकर्ता दो साल से अवधि समय से कैद में है और विशेष तथ्य यह है कि जांच पूरी हो गई है और आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। हम इसे जमानत देने के लिए एक उपयुक्त मामला मानते हैं।
सिद्धू को जुर्माने के बाद छोड़ने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को रोडरेज मामले में महज 1000 रुपए जुर्माना कर छोड़ने के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगा।