सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत पर रोक लगाने से किया इंकार
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तेजाब कांड के आरोपी और बिहार में राजनीतिक भूचाल की वजह बने राजद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने उसकी रिहाई पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसे नोटिस जारी कर उसका पक्ष जानना चाहा है।
बता दें कि सिवान से राजद के पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन को तेजाब मामले के चश्मदीद गवाह की हत्या के मामले में हाइकोर्ट से जमानत मिलने के बाद से राज्य की राजनीति में तूफान आया हुआ है।
विपक्षी दल नीतीश सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि लालू यादव के दबाव में आकर सरकार ने शहाबुद्दीन के खिलाफ कमजोर पैरवी की और केस कमजोर कर दिया जिसकी वजह से उसे जमानत मिल गई। हालांकि इस मुद्दे के बाद से ही राज्य सरकार बैकफुट पर है और दबाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी है।
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में की थी जमानत पर रोक लगाने की अपील
इसलिए शहाबुद्दीन को दोबारा जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार ने हाइकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए शहाबुद्दीन की जमानत निरस्त करने की मांग की थी। इसी मुद्दे को लेकर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी पीड़ित परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें शीर्ष कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा वह इस मामले में शहाबुद्दीन का पक्ष भी जानना चाहता है इसलिए इस मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
बता दें कि 11 सालों से जेल में बंद शहाबुद्दीन को भागलपुर सेंट्रल जेल से 10 सितंबर को रिहा किया गया था। पटना हाई कोर्ट ने शहाबुद्दीन को राजीव रोशन हत्या मामले में जमानत दी थी। पूर्व सांसद पर 60 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं जिनमें से दर्जनभर काफी गंभीर हैं।