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Bihar: सीताराम येचुरी ने नालंदा खंडहर का किया दीदार; कहा- विश्वविद्यालय में रुके कार्य फिर शुरू करने चाहिए
Fri, 22 Sep 2023 08:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 22 Sep 2023 08:58 PM IST
सार
Bihar News: वरिष्ठ माकपा नेता येचुरी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को साबित करने को लेकर पार्लियामेंट में भी बहस हुई। इसके इतिहास, कल्चर और परंपरा के बारे में बहुत सारी बातें हुईं। यहां चीनी यात्री ह्वेनसांग जो कि छात्र भी थे और शिक्षक भी थे, उनके आधार पर बहुत सारी जानकारी मिली है। उसके आधार पर खोज की गई। लेकिन अभी भी हम लोग पूर्ण रूप से साबित करने में असमर्थ हैं।
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वरिष्ठ माकपा नेता सीताराम येचुरी तथा अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी राजगीर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने के बाद शुक्रवार को विश्व धरोहर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय खंडहर पहुंचे। जहां पर उन्होंने सभी मोनेस्ट्री के बारे में घूम-घूम कर जानकारी ली।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां आकर बहुत अच्छा लगा। नालंदा विश्वविद्यालय की यह प्राचीन विरासत हमारी संस्कृति को समझने का एक बहुत ही अच्छा पहलू है। यहां अभी भी बहुत कुछ काम हो सकता है और उसके माध्यम से देश की साझा विरासत को समझ सकते हैं। यही साझा विरासत हमारे देश का सही बुनियाद है। उन्होंने कहा कि जो काम रुका पड़ा है उसे आर्कियोलॉजिकल विभाग को फिर शुरू करना चाहिए।
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वरिष्ठ माकपा नेता येचुरी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को साबित करने को लेकर पार्लियामेंट में भी बहस हुई। इसके इतिहास, कल्चर और परंपरा के बारे में बहुत सारी बातें हुईं। यहां चीनी यात्री ह्वेनसांग जो कि छात्र भी थे और शिक्षक भी थे, उनके आधार पर बहुत सारी जानकारी मिली है। उसके आधार पर खोज की गई। लेकिन अभी भी हम लोग पूर्ण रूप से साबित करने में असमर्थ हैं। अब शायद मुश्किल भी है क्योंकि यह पांचवीं शताब्दी की ही बात थी और अब हम लोग 2023 में है। अभी भी बहुत कुछ यहां काम हो सकता है। सीताराम येचुरी के आगमन को लेकर नालंदा विश्वविद्यालय में अंदर और बाहर स्थानीय प्रशासन के द्वारा चाक-चौबंध व्यवस्था की गई थी।
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