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बिहारः शराब बंदी के बाद बीमार पड़े लोग, खा रहे साबुन

Thu, 07 Apr 2016 01:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Apr 2016 01:03 PM IST
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Side effect of liquor ban in bihar

बिहार में पूरी तरह शराबबंदी लागू होने के बाद अब इसके साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे हैं, राज्य के अस्पतालों में सैकडों की संख्या में ऐसे लोगों को भर्ती कराया गया है जो शराब न मिलने के कारण बीमार पड़ने लगे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लगातार पीने के कारण इनके शरीर को शराब की लत लग चुकी है ऐसे में अचानक शराब छूटने से अब दिक्‍कत बढ़ने लगी है। 

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डॉक्टरों के पास पहुंचे कुछ मामलों में ऐसे थे जो अपने परिवार वालों को ही नहीं पहचान पा रहे थे तो एक व्यक्ति साबुन की पूरी टिक्की ही खा गया था। राज्य की मद्य निषेध सोसायटी के अनुसार बुधवार तक राज्य के 38 नए नशा मुक्ति केन्द्रों पर इस तरह के 749 मामले पहुंच चुके थे। 
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औरांगाबाद स्थित नशा मुक्ति केन्द्र के अधिकारी डा. आरके सिंह ने बताया कि यहां लाया गया एक व्यक्ति ऐसा था जो अपने परिवारवालों को ही नहीं पहचान पा रहा था, परिजनों के अनुसार वह रोजाना 600-1200 एमएल शराब पीता ‌था। जब उसे केन्द्र पर लाया गया तो वह अपने पैरों पर भी खड़ा नहीं हो पा रहा था। 
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बुधवार को कुछ खबरें ऐसी भी थी कि बेतिया जिले में एक व्यक्ति शराब की लत पूरी करने के लिए साबुन ही चबा गया। कुछ नशा मुक्ति केन्द्रों से मिली रिपोर्ट के अनुसार वहां लाए गए ऐसे लोगों की बड़ी संख्या थी जो शराब की लत के चक्कर में कागज और दर्द निवारक दवाइयों को खा गए। 

एकदम से शराब छूटने पर बेचैन हुए लोग

Side effect of liquor ban in bihar
वाइन, ड्राइ डे - फोटो : फाइल फोटो

पटना के नालंदा मेडिकल कालेज और हॉस्पिटल में एक ऐसे युवा मरीज को लाया गया जो शराब न मिलने की वजह से काफी हिंसक हो गया था। सरकार की ओर से नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे पुर्नवास केन्द्र की काउंसलर राखी शर्मा ने बताया कि उक्‍त युवक के परिजनों ने उनसे बताया वह बहुत ज्यादा शराब पीता था। शराब मिलनी बंद हुई तो वह हाथ लगने वाली हर चीज को खाने लगा। एक बार वह काफी मिर्च खा गया। 

एसएचएसबी के एक अधिकारी ने बताया कि 96 के करीब लोगों को इंजेक्‍शन से दवाई देकर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्व में ही 150 चिकित्सकों और 45 काउंसलर को इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया था। जिससे ऐसे लोगों को बेहतर उपचार दिया जा सके। 

वहीं राखी शर्मा ने बताया कि इसका एहसास पूर्व में ही ‌था कि रोजाना ज्यादा शराब पीने वाले लोगों को एकदम से शराब न मिलने पर इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

वहीं सरकार द्वारा शराब बंदी के आदेशों के विरुद्ध पूर्व सैन्यकर्मी एएन सिंह ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के इस निर्णय को कठोर और मनमाना बताया है। सिंह के अनुसार सरकार के इस आदेश से लोगों के खाने पीने की आजादी को आघात पहुंचा है। कोर्ट अभी उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी। 

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