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Bihar: जल अधिग्रहण क्षेत्र और सीतामढ़ी में चार दिनों से हो रही बारिश से नदियां उफान पर; रिहायशी इलाके जलमग्न
Sat, 26 Aug 2023 12:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:58 PM IST
सार
Sitamarhi Flood: जल अधिग्रहण क्षेत्र और सीतामढ़ी में चार दिनों से हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। बागमती नदी एक बार फिर उफान पर है। सभी जगहों पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसे देखते हुए कुछ लोग पलायन करने की सोच रहे हैं। वहीं, कुछ लोग गांव में ऊंचे स्थान की तलाश करने लगे हैं।
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सीतामढ़ी में बाढ़ से जलमग्न हुए रिहायशी इलाके
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक बार फिर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है। जिले से गुजरने वाली सभी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से जिले के कई रिहायशी हिस्सों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सड़कों पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है। दरअसल, जल अधिग्रहण क्षेत्र और जिले में चार दिनों से हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। बागमती नदी एक बार फिर उफान पर है। सभी जगहों पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। वहीं, हरदी व मरहा नदी भी उफान पर है।
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जानकारी के मुताबिक, बागमती नदी का जलस्तर ढेंग, सोनाखान, डूबाधार, चंदौली, कटौझा में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। चंदौली में खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रहा है। खतरे के निशान 59.06 मीटर से ऊपर होकर जलस्तर 59.56 मीटर हो गया है। सभी जगहों पर जलस्तर में वृद्धि जारी है। अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। जलस्तर में वृद्धि से एक बार फिर जिले में बाढ़ आ गई है।
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बताया जा रहा है कि बागमती का पानी दोनों तटबंध के भीतर फैल गया है। वहीं, परिहार प्रखंड में मरहा और हरदी नदी में उफान आ गया है। नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। परवाहा-लालबंदी पथ में सड़क पर पानी का तेज बहाव हो रहा है, जिससे आवागमन बंद हो गया है। ईदगाह, पंचायत भवन, सरकारी विद्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।
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परिहार प्रखंड से गुजरने वाली हरदी नदी में अचानक उफान के चलते कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। दो दर्जन से अधिक घरों में पानी घुस जाने की सूचना है। परवाहा लालबंदी पथ में बंसवरिया रैन से लेकर लहुरिया बाजार तक करीब ढाई फीट पानी का तेज बहाव हो रहा है। वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। कई गांव के सरेह में तेजी से बाढ़ का पानी फैलने लगा है। लहुरिया गांव स्थित एक मस्जिद, मध्य विद्यालय लहुरिया हिंदी और पंचायत भवन सहित कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है।
वहीं, सोनबरसा के अधवारा समूह की लखनदेई व झीम नदी में उफान आने से सीमावर्ती क्षेत्र के सरेह में तेजी से पानी फैल रहा है। लखनदेई के उफान से खाप खोपरहा स्थित सात पंचायत के संयुक्त पंचायत भवन में तेजी से पानी घुस रहा है। कन्हौली मेजरगंज पथ के इटहरवा, दुलारपुर के बीच डेढ़ से दो फीट पानी के बहाव से देर रात आवागमन बाधित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उधर, बस्ती में पानी घुसने की संभावना को लेकर लोग पलायन के मूड में हैं।
सुरसंड के श्रीखंडी भिठ्ठा गांव से होकर बहने वाली रातो नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से शुक्रवार की शाम वार्ड संख्या पांच में पानी प्रवेश कर गया है। रातो नदी के उफान से श्रीखंडी भिठ्ठा गांव के वार्ड संख्या पांच में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। साथ ही एनएच 227 से उक्त वार्ड में जाने वाली एकमात्र पीसीसी सड़क पर दो फुट पानी बहने से आवागमन में परेशानी हो रही है। जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से लोग अपने परिजन, मवेशी और उनका चारा बचाने के लिए गांव में ही उंचे स्थान की तलाश में जुट गए हैं।