मां राबड़ी की डांट के बाद तेजप्रताप ने लिया यू-टर्न कहा, 'उम्मीदवार का फैसला लालू करेंगे'
- भाजपा और जदयू में लोकसभा सीटों के बराबर बंटवारे पर तेजप्रताप ने कहा कि जनता इनके गठबंधन का बराबर हिसाब करेगी।
- सफाई देते हुए कहा कि बहन मीसा भारती का नाम महिला होने और क्षेत्र में लगातार काम करने के कारण लिया था।
- भाई वीरेंद्र से तकरार पर राबड़ी की फटकार के बाद बदले तेजप्रताप के सुर
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पाटलिपुत्र लोकसभा सीट को लेकर लालू के लाल तेजप्रताप यादव और पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता भाई वीरेंद्र आमने-सामने थे। दोनों के बीच चल रही जुबानी जंग पर अब विराम लग गया है। राबड़ी देवी के हस्तक्षेप के बाद बयानों का यह बवंडर थम सका। राबड़ी ने दोनों से बात करके चुनाव से पहले इस तरह ही बातों से बचने की सलाह दी। मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने राबड़ी के आवास पर जाकर अपना पक्ष रखा।
राबड़ी से बात के बाद दोनों की बातों में दिखी नरमी
राबड़ी देवी की डांट के बाद जहां एक दिन पहले तक पार्टी के विधायक को हैसियत बताने वाले तेज प्रताप ऐसे बयानों से बचते नजर आएं वहीं भाई वीरेंद्र ने ऑल इस वेल कहकर सबकुछ ठीक बताया। पार्टी कार्यालय में जनता दरबार के दौरान तेजप्रताप ने कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ही करेंगे। मैंने अपनी बहन मीसा भारती का नाम महिला होने और क्षेत्र में लगातार काम करने के कारण लिया था।
तेजप्रताप ने भाई वीरेंद्र से विवाद पर कहा कि पूरा मामला मिसअंडरस्टैंडिंग का है। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव हमारे आदर्श, हमारे भगवान हैं और उनका आशीर्वाद रहेगा। वह जिसको भी वे टिकट दे देंगे, मैं उसकी मदद करने को तैयार हूं।
इससे पहले तेजप्रताप के हैसियत वाले बयान पर भाई वीरेंद्र ने लालू को अपना नेता और तेजस्वी को विपक्ष का नेता बताया था और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देने की बात कही थी।
जदयू-भाजपा का जनता करेगी बराबर हिसाब: तेजप्रताप
लोकसभा चुनाव में भाजपा और जदयू के 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर बोलते हुए तेजप्रताप ने कहा कि जनता इनके गठबंधन का बराबर हिसाब करेगी। तेजप्रताप ने मुख्यमंत्री नीतीश पर विकास छोड़ सीट शेयरिंग पर ध्यान देने का आरोप लगाया। कानून- व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। बता दें कि तेजप्रताप अपनी वापसी के बाद से ही राजनीति में काफी सक्रीय नजर आ रहे हैं।
जदयू ने इस पूरे विवाद पर बोलते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र अपना सम्मान बेचकर परिवार की सेवा कर रहे हैं। राजद में जाने से पहले वह हमारी पार्टी से विधायक थे मगर उनके साथ ऐसा व्यवहार तब नहीं हुआ।