{"_id":"65d4713d9b40ae9c470fa023","slug":"purnia-news-villagers-in-alinagar-village-shave-heads-of-people-found-drinking-alcohol-also-impose-fine-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: पूर्णिया का ऐसा गांव जहां शराब पीते मिले नशेड़ियों का होता है मुंडन; जुर्माना भी लगाते हैं ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: पूर्णिया का ऐसा गांव जहां शराब पीते मिले नशेड़ियों का होता है मुंडन; जुर्माना भी लगाते हैं ग्रामीण
Tue, 20 Feb 2024 03:00 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:00 PM IST
सार
Purnia Hindi News: ग्रामीणों ने बताया कि बिहार सरकार के द्वारा राज्य में शराबबंदी रहते हुए भी इस गांव में आए दिन शराब के नशे में घर में बीबी-बच्चों के साथ मारपीट तो बेवजह और लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। अब हम सभी ग्रामीणों की सहमति के साथ नशेड़ियों को दंडित कर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
शराबी का मुंडन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के पूर्णिया का एक ऐसा गांव है, जहां कोई भी व्यक्ति शराब के नशे में पकड़ा जाता है तो उसे भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना चुकाना पड़ता है। आर्थिक जुर्माना न चुकाने पर शराबी के सिर का मुंडन कर गांव में घुमाया जाता है। दरअसल, पूर्णिया जिले से सात किलोमीटर दूर नगर प्रखंड के सतकोदरिया पंचायत का अलीनगर गांव है। जहां बीते साल 2023 में ग्रामीण, युवा, वार्ड सदस्य और मौलवी सहित हर घर की सहमति से सामूहिक निर्णय से एक नियम बनाया गया।
विज्ञापन
नियम के तहत गांव का कोई भी युवा या व्यक्ति शराब पीते या नशे में पकड़ा गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक नशेड़ी को बीस हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माना की रकम देने में असमर्थ होने की स्थिति में पांच हजार रुपये सहित सिर का मुंडन कर गांव में घुमाया जाएगा। शराब पीते हुए किसी को देखे जाने के सूचक को भी दो हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया जाता है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, इस गांव में अब तक 55 नशेड़ियों को दंडित किया जा चुका है। ग्रामीण मो. खालिद उर्फ कालू मरर ने बताया कि बिहार सरकार के द्वारा राज्य में शराबबंदी रहते हुए भी इस गांव में आए दिन शराब के नशे में घर में बीबी-बच्चों के साथ मारपीट तो बेवजह अन्य लोगों के साथ लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। इससे पूरे समाज में अशांति बनी रहती थी। हम सभी ग्रामीणों की सहमति के साथ नशेड़ियों को दंडित कर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
कालू मरर के साथ वार्ड सदस्य मो. शहाबुद्दीन, मौलवी नूर आलम, मोहम्मद हलीम के अलीनगर गांव के हर घर के सदस्य इस मुहिम में एकजुटता से खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हुए कहा कि इस्लाम धर्म में शराब पीना भी हराम माना गया है। इसके बावजूद कुछ लोग, युवा भी चोरी-छिपे शराब पीकर घर-समाज में मारपीट, लड़ाई और झंझट कर अशांति पैदा करते हैं। ऐसे लोगों के साथ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक मानें तो 85 प्रतिशत लोगों ने नशे से तौबा कर लिया है। शेष नशेड़ियों को नशा छोड़ने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नशेड़ियों से दंडित के रूप में ली गई रकम को समाज के अनाथ, गरीब की बेटियों की शादियों में मदद, और समाज में पढ़ने-लिखने वाले बच्चों के बीच पारितोषिक के रूप में खर्च की जा रही है। सतकोदरिया के अलीनगर की यह जन जागरूकता मुहिम आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।