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Bihar: श्रीश्री रवि शंकर बोले- देश में जहां भी बिहार के लोग रहते हैं, वहां आ जाती है बहार

Sat, 08 Mar 2025 10:17 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Sat, 08 Mar 2025 10:17 PM IST
सार

Sri Sri Ravi Shankar : पटना के बाद श्रीश्री रविशंकर का कार्यक्रम पूर्णिया में था। यहां उन्होंने कहा कि देश में जहां भी बिहार के लोग रहते हैं, वहां बहार आ जाती है।

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Bihar news:Spiritual Guru SriSri Ravi Shankar said that wherever there is a Bihari in the country
पूर्णिया में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का स्वागत करते सांसद पप्पू यादव। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर का शनिवार को पूर्णिया आगमन हुआ। शहर के रंगभूमि मैदान में बनाए गए विशाल मंच पर संध्या करीब 6 बजे गुरुदेव का महासत्संग शुरू हुआ, जो लगभग दो घंटे तक चला। इस महासत्संग में 15 हजार से अधिक लोग गुरुदेव के दर्शन करने और उनका संदेश सुनने के लिए पहुंचे। कार्यक्रम में सांसद पप्पू यादव, विधायक विजय खेमका, एसपी कार्तिकेय शर्मा समेत कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रही।

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गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर का पूर्णिया में महासत्संग
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने बिहारियों की मेधा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "देश में जहां भी बिहार के लोग रहते हैं, वहां बहार आ जाता है। बिहार के लोग ईमानदारी से सभी जगह काम करते हैं, और अगर दूसरे प्रदेशों में बिहार के लोग न हों, तो वहां काम नहीं हो सकता। बिहार की धरती आध्यात्म से जुड़ी हुई है।" उन्होंने आगे कहा, "आध्यात्म का मार्ग पर चलने से न केवल परिवार का बल्कि देश का भी कल्याण होता है।"

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श्री श्री रवि शंकर ने कहा कि बिहार आध्यात्म की भूमि रही है, जहां महात्मा बुद्ध को ज्ञान मिला था और नालंदा विश्वविद्यालय की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार से ही 'अष्टावक्र गीता' जैसी दुर्लभ धार्मिक पुस्तक मिली है। गुरुदेव ने कहा, "यहां के युवाओं में चाणक्य जैसे महान गुण हैं, जिन्हें बाहर निकालने की आवश्यकता है।"

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हजारों की संख्या में लोग पहुंचे
उन्होंने धर्म का उद्देश्य बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाना आवश्यक है। साथ ही, गुरुदेव ने कहा कि "मगध जैसा साम्राज्य दुनिया में कहीं नहीं हुआ।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि जैसे देश चलाने के लिए राजा की आवश्यकता होती है, वैसे ही मंदिर में दीप और घर में गृहिणी का होना जरूरी है। "जब तक हम जाति से ऊपर नहीं उठेंगे, तब तक विकास संभव नहीं होगा," यह भी उन्होंने कहा।

गुरुदेव के महासत्संग को लेकर रंगभूमि मैदान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान शहर भर में उत्साह का माहौल था। गुरुदेव के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। गुरुदेव के आगमन से न केवल पूर्णिया बल्कि कोसी सीमांचल के हजारों लोग पहुंचे थे। गुरुदेव ने महासत्संग में उपस्थित लोगों को प्राणायाम और योग की शिक्षा भी दी।

मुख्य मंच पर गुरुदेव के साथ कई आध्यात्मिक गुरु मौजूद थे। मंच पर सांसद पप्पू यादव ने भी गुरुदेव के जयकारे लगाए। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, ऑर्ट ऑफ लिविंग बिहार के एपेक्स सदस्य नीलम कुमार अग्रवाल और मेयर विभा कुमारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

रंगभूमि मैदान में गुरुदेव के महासत्संग के लिए 3200 वर्ग फीट लंबा-चौड़ा स्टेज तैयार किया गया था, और कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के स्टॉल भी लगाए गए थे। गुरुदेव इस कार्यक्रम के बाद शहर में रात्रि विश्राम करेंगे और अगली सुबह सरसी स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के रजिस्टर्ड हनुमान मंदिर जाएंगे।

 

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