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Anemia: बिहार में जांच में स्कूली बच्चों में मिली खून की कमी, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया विशेष अभियान

Mon, 13 Jan 2025 09:33 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 13 Jan 2025 09:33 PM IST
सार

Kishanganj News: सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि एनीमिया खासतौर पर बच्चों और किशोरों को प्रभावित करती है। शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन का स्तर घट जाता है, जिससे बच्चों में थकान, चिड़चिड़ापन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।

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Bihar News: Shocking revelation from anemia test, anemia found in school children in Kishanganj
एनीमिया जांच में स्कूली बच्चों में मिली खून की कमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत हुई स्वास्थ्य जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। भेबड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर द्वारा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में की गई जांच में सात स्कूली बच्चों में मध्यम स्तर की खून की कमी पाई गई। इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। अब बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।

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एनीमिया: बच्चों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती
सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार के मुताबिक, एनीमिया भारत में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, जो खासतौर पर बच्चों और किशोरों को प्रभावित करती है। शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन का स्तर घट जाता है, जिससे बच्चों में थकान, चिड़चिड़ापन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। यह न केवल उनकी पढ़ाई पर असर डालता है, बल्कि उनके समग्र शारीरिक और मानसिक विकास में भी बाधा पहुंचाता है।
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डीएम ने की अभियान की सराहना
जिलाधिकारी विशाल राज ने इस अभियान को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय से एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का प्रभावी समाधान संभव है। डीएम ने स्कूली बच्चों के खानपान में सुधार और नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया।
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आहार और दवाइयों से होगा समाधान
सिविल सर्जन ने बच्चों और अभिभावकों को आयरन युक्त खाद्य पदार्थों जैसे पालक, दालें, गुड़ और फलों के सेवन की सलाह दी। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से आयरन फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएंगी, जिससे खून की कमी को दूर किया जा सके।


 
स्वास्थ्य विभाग की पहल
भेबड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ऐश्वर्या के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय है। स्कूलों में जांच अभियान के साथ-साथ अभिभावकों को जागरूक करने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 
अभिभावकों की भूमिका होगी अहम
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एनीमिया जैसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अभिभावकों की भागीदारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य पर नियमित ध्यान देने से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

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