Bihar : जदयू अब कहीं नंबर वन नहीं; शपथ के साथ विधान परिषद् में BJP सबसे बड़ी, विस में पहले ही राजद सर्वाधिक
Bihar Politics : जनता दल यूनाईटेड (JDU) बिहार के दोनों में से किसी सदन में ऊपर नहीं रही। 2020 के चुनाव के पहले की स्थितियों से पूरी तरह उलट जैसी परिस्थिति सामने है। बुधवार को शपथ ग्रहण के साथ बिहार विधान परिषद् में भाजपा नंबर वन हो गई है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के पहले बिहार विधान परिषद् के नव-निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शरीक हुए। इसके साथ ही वह इस बात के भी गवाह बन गए कि अब उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड (JDU) बिहार के दोनों में से किसी सदन में ऊपर नहीं रही। 2020 के चुनाव के पहले की स्थितियों से पूरी तरह उलट जैसी परिस्थिति सामने है। बुधवार को शपथ ग्रहण के साथ बिहार विधान परिषद् में जदयू से ज्यादा सदस्यों की संख्या भाजपा की हो गई। बिहार विधानसभा में पहले ही जदयू तीसरे नंबर पर है। वहां जदयू के साथ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पहले नंबर पर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दूसरे नंबर पर है।
दो-दो सीटें भाजपा-जदयू ने जीती, एक में पीके समर्थित
बुधवार को गया स्नातक सीट से नव-निर्वाचित अवधेश नारायण सिंह (BJP), सारण स्नातक क्षेत्र के नव-निर्वाचित वीरेंद्र नारायण यादव (JDU), कोसी शिक्षक सीट से नव-निर्वाचित डॉ. संजीव कुमार सिंह (JDU), गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नव-निर्वाचित जीवन कुमार (BJP) ने शपथ ली। पिछले दिनों हुए पांच सीटों के चुनाव में दो-दो सीटें भाजपा और जदयू को मिली थीं, जबकि एक सीट प्रशांत किशोर समर्थित उम्मीदवार आफाक अहमद ने अपने नाम की थी। आफाक पहले ही शपथ ले चुके हैं।
24 सदस्यों के साथ परिषद् में भाजपा नंबर वन
सत्तारूढ़ जदयू के विधान परिषद् में 24 सदस्य थे। अब इस चुनाव में दो की जीत के बावजूद जदयू के सदस्यों की संख्या 23 रह गई है। भाजपा के सदस्यों की संख्या पहले 23 थी। उसके दो सदस्य निर्वाचित हुए, लेकिन नए सदस्य एक बढ़ने से संख्या 24 हो गई। विधान परिषद् में राजद के 14, कांग्रेस के चार, सीपीआई, हम और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के एक-एक सदस्य हैं। इसके अलावा छह सदस्य निर्दलीय हैं। इन चुनावों के आसपास ही उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू से इस्तीफा देते हुए विधान परिषद् की सीट भी छोड़ी थी, लेकिन इस सीट पर उप-चुनाव नहीं हो सका है। यह सीट खाली है अभी।