Lockdown : पीके का नीतीश से सवाल, भाजपा विधायक के बेटे को कोटा से वापस लाने की अनुमति देने में मर्यादा कहां गई?
चुनाव विशेषज्ञ प्रशांत किशोर उर्फ पीके नीतीश कुमार पर हमला करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। अब पीके ने अपने पूर्व राजनीतिक साथी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राजस्थान के कोटा में फंसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद को न कहने वाले नीतीश कुमार की मर्यादा भाजपा विधायक के बेटे को लाने की अनुमति देने में कहां गई।
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पीके ने अपने ट्वीट में कहा, 'कोटा में फंसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को नीतीश कुमार ने यह कह कर खारिज कर दिया था कि ऐसा करना 'लॉकडाउन की मर्यादा' के खिलाफ होगा। अब उन्हीं की सरकार ने भाजपा के एक विधायक के बेटे को कोटा से लाने की विशेष अनुमति दे दी है। नीतीश जी, अब आपकी मर्यादा क्या कहती है?'
इसके साथ ही पीके ने एक तस्वीर अटैच की है जिसमें प्रतिबंधित अवधि में बिहार के नवादा के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह को कोटा में फंसे उनके बेटे को लाने के लिए बिहार के नवादा से राजस्थान के कोटा तक जाने और वापस नवादा आने के लिए अनुमति जारी की गई है। इस अनुमति पत्र की वैधता 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक है।
कोटा में फँसे बिहार के सैकड़ों बच्चों की मदद की अपील को @NitishKumar ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि ऐसा करना #lockdown की मर्यादा के ख़िलाफ़ होगा।
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अब उन्हीं की सरकार ने BJP के एक MLA को कोटा से अपने बेटे को लाने के लिए विशेष अनुमति दी है। नीतीश जी अब आपकी मर्यादा क्या कहती है? pic.twitter.com/mGy9v0MHQS — Prashant Kishor (@PrashantKishor) April 19, 2020
इससे पहले शनिवार को ही पीके ने कहा था कि बिहार के लोग पूरे देश में इधर-उधर फंसे हुए हैं और नीतीश कुमार लॉकडाउन के सिद्धांत बता रहे हैं। दूसरे राज्यों की सरकारें कुछ कर रही होंगी लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित राज्यों से बात तक नहीं की है। उन्होंने प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में भी यह मुद्दा नहीं उठाया।