बिहार: ट्रैफिक से निपटने के लिए बनाया एआई समाधान, आईआईटी पटना की तीन छात्राएं फ्लिपकार्ट ग्रिड 2.0 की विजेता
आईआईटी पटना की तीन छात्राओं ने फ्लिपकार्ट ग्रिड 2.0 में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके एआई आधारित ‘ग्रिडलॉक ओरेकल’ समाधान ने यातायात व्यवधानों का अनुमान लगाने में मदद की। प्रतियोगिता के मूल्यांकन में संसाधनों की अनावश्यक तैनाती में 86 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना की तीन छात्राओं की टीम ने राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी एवं नवाचार प्रतियोगिता फ्लिपकार्ट ग्रिड 2.0 में प्रथम स्थान हासिल किया है। टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ट्रैफिक समाधान विकसित कर यह उपलब्धि हासिल की। इससे संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
विजेता टीम में बीटेक-एमटेक इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री प्रोग्राम के तृतीय वर्ष की छात्राएं कशिश राय और भूमि गर्ग (गणित एवं कंप्यूटिंग) तथा प्रज्ञा महाजन (कंप्यूटर साइंस) शामिल हैं। टीम ने प्रतियोगिता की ‘इवेंट-ड्रिवन ट्रैफिक कंजेशन’ थीम के तहत ‘ग्रिडलॉक ओरेकल’ नामक समाधान विकसित किया।
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित इस चुनौती में प्रतिभागियों को 8,057 वास्तविक ट्रैफिक घटनाओं का डेटासेट दिया गया था। इसका उद्देश्य ऐसी प्रणाली विकसित करना था, जिससे ट्रैफिक कंट्रोल रूम यह अनुमान लगा सके कि किसी घटना के कारण सड़क बंद करने या बड़े स्तर पर यातायात नियंत्रित करने की जरूरत पड़ेगी या नहीं।
दरअसल, किसी घटना की सूचना मिलने पर उसके प्रभाव का सही आकलन नहीं हो पाने से पुलिस बल और बैरिकेड्स की जरूरत से ज्यादा तैनाती करनी पड़ती है। इससे संसाधनों और जनशक्ति का अनावश्यक इस्तेमाल होता है। आईआईटी पटना की छात्राओं ने इसी समस्या के समाधान के लिए एआई आधारित निर्णय-सहायक प्रणाली तैयार की है।
‘ग्रिडलॉक ओरेकल’ उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर संभावित यातायात व्यवधान का अनुमान लगाता है। इससे अधिकारियों को यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किन घटनाओं में सड़क बंद करना जरूरी होगा और किन स्थानों पर पुलिस बल व अन्य संसाधनों की तैनाती की जानी चाहिए।
प्रतियोगिता के मूल्यांकन में इस समाधान से संसाधनों की अनावश्यक तैनाती में 86 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई। यह उपलब्धि यातायात प्रबंधन में एआई के प्रभावी इस्तेमाल की संभावनाओं को रेखांकित करती है।