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Bihar News: कचरा बनेगा सोना, पटना में 13 शहरों का कचरा देगा बिजली, गैस और खाद
Thu, 14 Aug 2025 04:01 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 14 Aug 2025 04:01 PM IST
सार
बिहार सरकार ने पटना और आसपास के 13 नगर निकायों में गंदगी और दुर्गंध की समस्या खत्म करने के लिए 514.59 करोड़ रुपये की ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना को हरी झंडी दे दी है।
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(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी पटना की गंदगी और दुर्गंध से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। बिहार सरकार ने पटना समेत आसपास के 13 नगर निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन की बड़ी परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट लोक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में 514.59 करोड़ रुपये की लागत से लागू होगा। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पटना, दानापुर, फतुहा, खगौल, फुलवारीशरीफ, संपतचक, मनेर, मसौढ़ी, बिहटा, बख्तियारपुर, नौबतपुर, पुनपुन और खुसरूपुर का कचरा एकत्र कर रामचक बैरिया में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाएगा।
देश में पहली बार VGF से ठोस कचरा प्रबंधन को फंडिंग
केंद्र सरकार ने पहली बार किसी राज्य को सामाजिक आधारभूत परियोजना के तहत ठोस कचरा प्रबंधन के लिए वीएबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत बिहार को 154.38 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। यदि 30 प्रतिशत से अधिक VGF की आवश्यकता होगी, तो अतिरिक्त राशि राज्य सरकार अपने रिंगफेंस खाते से देगी।
ये भी पढ़ें: गृह विभाग ने भारी संख्या में सिपाही और चालक का किया तबादला, अधिसूचना जारी
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रोजाना 1600 टन कचरे की प्रोसेसिंग
रामचक बैरिया में लगने वाले संयंत्र में प्रतिदिन 1600 टन कचरे की प्रोसेसिंग होगी। इससे 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जो राजधानी की जरूरतों को पूरा करेगा। यह संयंत्र प्रतिदिन 100 टन बायो-मिथेनेशन करेगा, जिससे बायोगैस तैयार होगी और घरों तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही खेतों के लिए जैविक खाद भी बनाई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल पटना और आसपास के इलाकों को साफ-सुथरा बनाएगी, बल्कि कचरे से आय का नया स्रोत भी खोलेगी।
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देश में पहली बार VGF से ठोस कचरा प्रबंधन को फंडिंग
केंद्र सरकार ने पहली बार किसी राज्य को सामाजिक आधारभूत परियोजना के तहत ठोस कचरा प्रबंधन के लिए वीएबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत बिहार को 154.38 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। यदि 30 प्रतिशत से अधिक VGF की आवश्यकता होगी, तो अतिरिक्त राशि राज्य सरकार अपने रिंगफेंस खाते से देगी।
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रोजाना 1600 टन कचरे की प्रोसेसिंग
रामचक बैरिया में लगने वाले संयंत्र में प्रतिदिन 1600 टन कचरे की प्रोसेसिंग होगी। इससे 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जो राजधानी की जरूरतों को पूरा करेगा। यह संयंत्र प्रतिदिन 100 टन बायो-मिथेनेशन करेगा, जिससे बायोगैस तैयार होगी और घरों तक पहुंचाई जाएगी। साथ ही खेतों के लिए जैविक खाद भी बनाई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल पटना और आसपास के इलाकों को साफ-सुथरा बनाएगी, बल्कि कचरे से आय का नया स्रोत भी खोलेगी।