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SIR: 'मतदाता सूची से नाम हटाने में कोई साजिश नहीं', चुनाव आयोग ने प्रशांत किशोर के आरोपों को किया खारिज

Thu, 07 Aug 2025 07:43 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 07 Aug 2025 07:43 PM IST
सार

Bihar: बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के दफ्तर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रशांत किशोर के बयान का वीडियो साझा किया और साथ में यह संदेश दिया कि मतदाता सूची की पवित्रता को बनाए रखें और ऐसे पूर्वग्रह या बिना तथ्यों के लगाए गए आरोपों से बचें, जो लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

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SIR: There is no conspiracy in removing names from voter list EC rejects Prashant Kishore allegations
प्रशांत किशोर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव आयोग ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भाजपा एनडीए की मिलीभगत से गरीबों के नाम हटाए जा रहे हैं। बता दें कि प्रशांत किशोर इस समय बिहार के कई जिलों के दौरे पर हैं और अपनी नई पार्टी के लिए जनसमर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को बेगूसराय में यह आरोप लगाया था।

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हाल ही में जारी किए गए मसौदा मतदाता सूची से 65 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं, जिस पर विवाद खड़ा हुआ है। इस पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि हटाए गए नामों में 22.34 लाख लोग मृत पाए गए, 36.28 लाख लोग किसी और जगह चले गए और 7.01 लाख लोग दो जगहों पर दर्ज थे।

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चुनाव आयोग की अपील
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के दफ्तर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रशांत किशोर के बयान का वीडियो साझा किया और साथ में यह संदेश दिया कि आइए, मिलकर मतदाता सूची की पवित्रता को बनाए रखें और ऐसे पूर्वग्रह या बिना तथ्यों के लगाए गए आरोपों से बचें, जो लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से गायब है या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में गलत तरीके से शामिल है, तो 1 सितंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज करें।

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पढ़ें: मतदाता सूची में राजद ने लगाया बड़ी गड़बड़ी का आरोप, तेजस्वी यादव तक बात ले जाने की तैयारी; जानें

क्या कहा था प्रशांत किशोर ने?
बेगूसराय में जनसभा के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि चुनाव आयोग भाजपा नीत एनडीए के साथ मिला हुआ है। गरीब मजदूर, जो बाहर काम करने जाते हैं, वे सरकार के खिलाफ वोट करेंगे, इसलिए उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया है कि जिनके पास आधार कार्ड है, उनका नाम वोटर लिस्ट में बना रहना चाहिए। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि चुनाव आयोग यह तय करने वाला नहीं है कि कौन नागरिक है और कौन नहीं। और अगर 100 में से 5 नाम भी हटा दिए जाएं, तो बाकी 95 से भी एनडीए की करारी हार तय है।

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