Bihar: फैजल खान सर की गिरफ्तारी के नाम पर क्यों बढ़ रहा आक्रोश? दूसरे शिक्षक को जेल भेजने के बाद क्या हुआ?
Bihar : फैजल खान की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण अब पटना पुलिस सवालों के घेरे में है। लोगों का आरोप है कि आखिर इस तरह का पक्षपात क्यों किया जा रहा है? एक शिक्षक को 4 घंटे में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा 48 घंटों के बाद भी गिरफ्त से दूर क्यों है?
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बिहार की राजधानी पटना के मसल्लहपुर हाट स्थित चर्चित कोचिंग संचालक और ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें कानूनी मोर्चे पर लगातार बढ़ती जा रही हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ छात्रों में आक्रोश भी है। उनका आक्रोश पटना पुलिस के खिलाफ है। पटना पुलिस पर आरोप है कि एक तरफ पोस्टर फाड़ने के आरोप में एक शिक्षक को चार घंटे में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया वहीं दूसरी तरफ आर्म्स एक्ट और हत्या करने की कोशिश करने वाले आरोपी फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज होने के 48 घंटों बाद भी पटना पुलिस फैजल खान को गिरफ्तार नहीं कर सकी, ऐसे में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली सवालों के कटघरे में खड़ी होती नजर आ रही है। आम जनता का सवाल है कि आखिर किस दवाब में पटना पुलिस ने फैजल खान को इस तरह से पूरी छूट दे रखी है?
अदालती सुरक्षा और सरेंडर की अफवाहों का बाजार रहा गर्म
शनिवार को अचानक इस बात की अफवाह फैली कि फैजल खान किसी भी वक्त कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इस अफवाह के फैलते ही प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। लेकिन उन चर्चाओं के बीच हो रही तमाम अटकलों के विपरीत फैजल खान ने सभी को चकमा देते हुए अदालत में हाजिर नहीं हुए। उनके स्थान पर उनके कानूनी सलाहकार व वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने कमान संभाली और ऑनलाइन माध्यम से फैजल खान सर की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल कर दी। वकील अरविंद कुमार मउआर के मुताबिक, इस याचिका की हार्ड कॉपी सोमवार को अदालत के समक्ष भौतिक रूप से जमा करा दी जाएगी, जिसके बाद इस पूरे मामले पर मंगलवार को कोर्ट में विस्तृत सुनवाई होने की संभावना है।
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सुरक्षा गार्डों की जमानत पर सोमवार को होगी सुनवाई
इस दौरान फैजल खान ने अपने दोनों निजी सुरक्षा गार्डों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की ओर से भी अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर कर दी है। बचाव पक्ष के वकील अरविंद कुमार मउआर ने बताया कि इन दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत अर्जी पर सोमवार को ही कोर्ट में बहस और सुनवाई की जाएगी।
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फैजल खान के वकील का पुलिस के खिलाफ आरोप
कानूनी कार्रवाई को लेकर फैजल खान के खेमे ने पुलिसिया दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके वकील अरविंद कुमार मउआर का आरोप है कि यह पूरी एफआईआर राजनीतिक या व्यक्तिगत बदले की भावना से प्रेरित है। उनका आरोप है कि प्रथम दृष्टया एफआईआर के प्रारूप को देखने से ही ऐसा प्रतीत होता है कि यह फैजल खान की सामाजिक और व्यावसायिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
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आरोप पर पटना पुलिस का जवाब
इस पूरे मामले पर पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच में जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उसी आधार पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पटना पुलिस या फैजल खान, दोनों मां रहे खुद को असली खिलाड़ी
इस मामले पर कदमकुआं थाना पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए फैजल खान को एक आधिकारिक नोटिस तामील कराया गया है। इस नोटिस के जरिए उन्हें पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ एक वीडियो में फैजल खान ने पुलिस को सहयोग देने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी चकमा का खेल चल रहा है। सवाल यह है कि इस हाई प्रोफाइल मामले में अब असली खिलाड़ी पटना पुलिस है या फैजल खान खुद को मान रहे हैं असली खिलाड़ी?
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स्थानीय लोगों में इस बात की है चर्चा
स्थानीय लोगों में इस बात की नाराजगी है कि पटना पुलिस अब तक ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन मामले के एक अन्य मुख्य आरोपी बनाए गए फैजल खान की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। इसे लेकर अब शहर में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां कहा जा रहा है कि खान सर पुलिस की पहुंच से दूर हैं,फरार हैं, वहीं दूसरी तरफ दबी जुबान में यह भी कहा जा रहा है कि फैजल खान की लोकप्रियता और रसूख को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। चर्चा यह भी है कि पटना पुलिस और फैजल खान की मिलीभगत ही है, जिस वजह से फैजल खान की गिरफ्तारी जानबूझकर नहीं की जा रही है।
गंभीर सवालों के साथ अब सब की नजरें अदालती सुनवाई पर हैं टिकी
हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी बेहद गंभीर व संगीन आपराधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन पर कानून का शिकंजा तो है, जिससे बचने की कोशिश वह लगातार कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कदमकुआं थाने की पुलिस का कहना है कि पुलिस हर संभव अपना काम कर रही है। पटना पुलिस इससे ज्यादा का जवाब नहीं दे रही है। अंत में सवाल यही है कि पोस्टर फाड़ने के आरोपी को पटना पुलिस ने महज चार घंटे में गिरफ्तार कर लिया फिर आर्म्स एक्ट और जान से मार देने का आरोपी फैजल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के 48 घंटे बाद भी पटना पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है ?