Bihar News: नींद की गोलियां, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव; राजगीर सामूहिक आत्महत्या की चौंकाने वाली कहानी
नालंदा पुलिस ने कर्नाटक पुलिस और परिजनों से संपर्क किया, जिसमें पता चला कि यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वे लोग पैतृक संपत्ति विवाद या कर्ज लेने जैसी विषम परिस्थितियों में ही गांव आते थे।
विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद कमरे से कर्नाटक से आए चार तीर्थयात्रियों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा, जहां एक पुरुष और तीन महिलाओं के शव हुक से लटके मिले। प्रारंभिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रही है।
तीन दिन से बंद था कमरा, बदबू आने पर खुला राज
राजगीर थानाध्यक्ष को शुक्रवार सुबह करीब 9:40 बजे सूचना मिली कि धर्मशाला का एक कमरा, जिसमें बेंगलुरु से आए तीर्थयात्री ठहरे थे, पिछले तीन दिनों से अंदर से बंद है और वहां से दुर्गंध आ रही है। जांच के दौरान पाया गया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और कुंडी भी लगी हुई थी। तलाशी के दौरान कमरे से 1 लाख 18 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज और भारी मात्रा में नींद की गोलियां (लगभग 25 पत्ते एंटी-डिप्रेसेंट्स) बरामद की गईं।
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मृतक बेटे पर भांजे की हत्या का आरोप
मृतकों की पहचान कर्नाटक के तुमकुरु जिले के गुब्बी निवासी जी.आर. सुमंगला (78), उनकी दो बेटियां शिल्पा (48) व श्रुथा (43) और पुत्र जी.आर. नागा प्रसाद (50) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि नागा प्रसाद अपने ही भांजे की हत्या के आरोप में पिछले पांच महीनों से जेल में था और उसे 17 दिसंबर 2025 को जमानत मिली थी। वह इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था, लेकिन लंबे समय से बेरोजगार चल रहा था।
मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
कर्नाटक पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार यह परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। वे गांव में भी केवल पैतृक संपत्ति विवाद या कर्ज से जुड़ी परिस्थितियों में ही आते-जाते थे और किसी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय नहीं रहते थे।
SIT गठित, कर्नाटक जाएगी जांच टीम
नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम जल्द ही कर्नाटक के गुब्बी (बेंगलुरु) जाकर सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। चारों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ बिहार शरीफ सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। एसआईटी में राजगीर एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक संजय कुमार, प्रभारी जिला आसूचना इकाई आलोक कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।