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कृषि कानून पर बोले नीतीश- कुछ राज्यों में भ्रम की स्थिति, बातचीत से सुलझाया जा सकता है मामला
Mon, 08 Feb 2021 04:09 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पटना
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 08 Feb 2021 04:09 PM IST
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नीतीश कुमार
- फोटो : ANI
कृषि कानूनों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक संग्राम छिड़ा हुआ है। किसान आंदोलन की आड़ में कई राजनेता अपनी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रारंभ से बताया जा रहा है कि कभी भी एसएसपी (MSP) समाप्त नहीं होगी। बल्कि किसानों को आजादी दी गई है कि वे जहां चाहे अपने अनाज को बेच सकते हैं। लेकिन कुछ राज्यों में जो पहले की परंपरा है उसको लेकर भ्रम है इसके लिए बातचीत होती है,हमें लगता है कि कभी न कभी बातचीत से लोग संतुष्ट होंगे।
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वहीं इससे पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि कृषि कानून जरूरी कानून हैं और इन्हें लागू करने का यही उपयुक्त समय है। उन्होंने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की और कहा कि बुजुर्गों को तकलीफ न दें।आओ मिलकर चलें, अच्छा कदम है, किसी न किसी को करना था। मैंने किया है, गालियां मेरे हिस्से में जा रही हैं, जाने दो। कृषि मंत्री लगातार काम कर रहे हैं और एक-दूसरे को समझने-समझाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसपी था, एसएसपी है और हमेशा रहेगा।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम लोग कुछ शब्दों से परिचित हैं, जैसे कि श्रमजीवी...बुद्धिजीवी। लेकिन मैं देख रहा हूं कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हो गई है और वो है आंदोलनजीवी। अगर देश में वकीलों का आंदोलन हो रहा हो, छात्रों का हो रहा है या मजदूरों का हो रहा हो ये जमात हर जगह आपको नजर आएगी। कभी पर्दे के पीछे तो कभी पर्दे के आगे। ये पूरी टोली आंदोलनजीवी की है। ये लोग आंदोलन के बिना जी नहीं सकते, हमें ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी।
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