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Bihar: चिराग ने साधा गठबंधन सरकार पर निशाना, कहा- भाजपा-नीतीश को बिहार में 'एकनाथ शिंदे' की तलाश
Mon, 04 Jul 2022 12:01 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 04 Jul 2022 12:01 AM IST
सार
चिराग पासवान ने भाजपा-जदयू पर सिर्फ सत्ता के लिए गठबंधन में रहने का आरोप लगाया और भाजपा पर वैचारिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया।
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चिराग पासवान।
- फोटो : PTI
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विस्तार
लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व प्रमुख चिराग पासवान ने रविवार को बिहार में भाजपा-जदयू की गठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा और नीतीश कुमार एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अपना 'एकनाथ शिंदे' की तलाश रही हैं जो प्रतिद्वंद्वी को फायदा पहुंचाने के लिए अपनी ही पार्टी के पैरों के नीचे से कालीन खींच सके।
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एआईएमआईएम के चार विधायकों दलबदल नीतीश कुमार की साजिश
चिराग पासवान ने दोनों दलों पर सिर्फ सत्ता के लिए गठबंधन में रहने का आरोप लगाया और भाजपा पर वैचारिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया। साथ ही आरोप लगाया कि आरजेडी में एआईएमआईएम के चार विधायकों का चले जाना ये नीतीश कुमार की ही साजिश है।
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राजद ने भाजपा से सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा छीना
मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम विधायक जदयू के संपर्क में थे क्योंकि उनका राजेडी पार्टी में अधिक भविष्य नहीं था और उसकी बिहार में बहुत कम उपस्थिति भी है। लेकिन, सीएम की पार्टी में शामिल होने के बजाय, वे राजद में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम के पीछे नीतीश कुमार का हाथ था क्योंकि अब राजद ने भाजपा से सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा छीन लिया है।
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चिराग ने अलग लड़ा था 2020 का विधानसभा चुनाव
2020 के विधानसभा चुनाव में एनआरसी से लेकर जाति जनगणना तक के मुद्दे तक चिराग पासवान ने एनडीए गठबंधन से अलग होकर अकेले चुनाव में जाने का फैसला किया था। हालांकि कुछ जदयू के नेताओं के एक वर्ग का मानना है कि इसमें चिराग पासवान को भाजपा की मौन स्वीकृति थी।
लेकिन चुनाव के परिणाम के बाद सारे गणित धराशाही हो गए सरकार जेडीयू और भाजपा की बनी। इसके कुछ ही दिनों के बाद अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान की बनाई पार्टी में शामिल, चाचा पशुपति पारस ने विद्रोह कर दिया और चिराग को पार्टी से ही अलग कर दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में पारस पासवान को जगह देने वाले चिराग पासवान को भाजपा ने बीच में छोड़ दिया।