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Bihar News : बाजारों में बेचा जा रहा था कैंसर! मत्स्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित मांगुर मछली जब्त
Sat, 13 Dec 2025 01:39 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:39 PM IST
सार
मत्स्य विकास पदाधिकारी गुड्डू कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 से ही मांगुर मछली के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस मछली में अत्यधिक मात्रा में हैवी मेटल पाया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है।
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बाजारों में बेचा जा रहा था कैंसर
विस्तार
भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नया टोला के समीप मत्स्य विकास पदाधिकारी भोजपुर द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मांगुर मछली को जब्त कर विनष्टीकरण किया गया। यह कार्रवाई मत्स्य जिला पदाधिकारी के आदेश पर की गई, जिससे क्षेत्र में अवैध रूप से बेची जा रही प्रतिबंधित मछलियों पर रोक लगाई जा सके।
इस मछली पर प्रतिबंध लगाया गया
मत्स्य विकास पदाधिकारी गुड्डू कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 से ही मांगुर मछली के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस मछली में अत्यधिक मात्रा में हैवी मेटल पाया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसका सेवन करने से गंभीर बीमारियां होने की आशंका रहती है, यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण सरकार द्वारा इस मछली पर प्रतिबंध लगाया गया।
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'जलस्रोतों की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचता'
उन्होंने आगे बताया कि मांगुर मछली किसी तालाब में छोड़े जाने पर वहां मौजूद अन्य मछलियों को खा जाती है, जिससे जलस्रोतों की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचता है। जानकारी के अनुसार, इस मछली का उत्पादन थाईलैंड में होता है।
इसे पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से बिहार लाया जाता है। कार्रवाई के दौरान करीब ढाई से तीन क्विंटल प्रतिबंधित मांगुर मछली जब्त की गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मछली विक्रेता को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया।
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इस मछली पर प्रतिबंध लगाया गया
मत्स्य विकास पदाधिकारी गुड्डू कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 से ही मांगुर मछली के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस मछली में अत्यधिक मात्रा में हैवी मेटल पाया जाता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसका सेवन करने से गंभीर बीमारियां होने की आशंका रहती है, यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण सरकार द्वारा इस मछली पर प्रतिबंध लगाया गया।
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'जलस्रोतों की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचता'
उन्होंने आगे बताया कि मांगुर मछली किसी तालाब में छोड़े जाने पर वहां मौजूद अन्य मछलियों को खा जाती है, जिससे जलस्रोतों की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचता है। जानकारी के अनुसार, इस मछली का उत्पादन थाईलैंड में होता है।
इसे पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से बिहार लाया जाता है। कार्रवाई के दौरान करीब ढाई से तीन क्विंटल प्रतिबंधित मांगुर मछली जब्त की गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। मछली विक्रेता को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया।