Bihar: बिजली में बिहार का नया रिकॉर्ड! 9426 मेगावाट की ऐतिहासिक मांग भी बिना कटौती हुई पूरी
बिहार ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए 3 जुलाई 2026 को 9426 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक पीक बिजली मांग का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया। रिकॉर्ड मांग के बावजूद पूरे राज्य में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति जारी रही।
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बिहार ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। राज्य में पहली बार 9,155 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक बिजली मांग दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद कहीं भी बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हुई। ऊर्जा विभाग ने इसे मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क, आधुनिक ग्रिड प्रबंधन और तकनीकी क्षमता का परिणाम बताया है। सरकार का कहना है कि बढ़ती बिजली मांग राज्य के तेज विकास और औद्योगिक विस्तार का संकेत है।
9426 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड का सफल प्रबंधन
ऊर्जा विभाग के अनुसार, 4 जुलाई 2026 की रात 10:02 बजे बिहार के इतिहास की सबसे अधिक 9,155 मेगावाट पीक बिजली मांग दर्ज की गई। रिकॉर्ड मांग के बावजूद पूरे राज्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति जारी रही। विभाग ने बताया कि यह उपलब्धि ट्रांसमिशन और वितरण अवसंरचना को मजबूत करने, ग्रिड क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रत्यक्ष परिणाम है।
घरेलू, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों में तेजी से बढ़ी बिजली की खपत
राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक, शहरी और कृषि क्षेत्रों में भी बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। नए उद्योगों की स्थापना, शहरों का विस्तार, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और सिंचाई के लिए बिजली आधारित संसाधनों के बढ़ते उपयोग से खपत में लगातार इजाफा हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुविधाओं के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार के कारण घरेलू बिजली उपभोग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए विद्युत अवसंरचना का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
एक दशक में 1,800 मेगावाट से 9,100 मेगावाट के पार पहुंची मांग
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, करीब एक दशक पहले बिहार की अधिकतम बिजली मांग लगभग 1,800 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 9,100 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। पहले वर्ष में केवल एक बार दर्ज होने वाली उच्चतम मांग अब नियमित रूप से कई बार पार हो रही है। इसके बावजूद बिजली व्यवस्था बिना किसी बड़े व्यवधान के लगातार रिकॉर्ड मांग का सफलतापूर्वक प्रबंधन कर रही है।
आधुनिक तकनीक से मजबूत हुआ बिजली तंत्र
राज्य में ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण नेटवर्क की क्षमता में लगातार वृद्धि की गई है। आधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रभावी लोड मैनेजमेंट और सतत तकनीकी निगरानी के जरिए उच्चतम मांग के दौरान भी ग्रिड की स्थिरता बनाए रखी जा रही है। यही वजह है कि बढ़ती बिजली खपत के बावजूद उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध हो रही है।
24 घंटे निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था सक्रिय
ऊर्जा विभाग और विद्युत कंपनियां पूरे बिजली तंत्र की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। संभावित तकनीकी चुनौतियों का पहले से आकलन कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1912 हेल्पलाइन और राज्यभर में संचालित फ्यूज कॉल सेंटर लगातार सक्रिय हैं, जहां शिकायतों का त्वरित पंजीकरण और समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया विकास का संकेत
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली मांग बिहार के तेज और चहुंमुखी विकास का परिचायक है। उन्होंने कहा कि बिहार बिजली के क्षेत्र में पूरे देश को नई दिशा दिखा रहा है। सरकार निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।
ऊर्जा विभाग के सचिव ने गिनाईं उपलब्धियां
ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी, BSPHCL अजय यादव ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक ग्रिड प्रबंधन, क्षमता वृद्धि और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की बदौलत बिहार लगातार रिकॉर्ड पीक डिमांड का सफल प्रबंधन कर रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को भी और अधिक सशक्त बनाया गया है।