Bihar : सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के बेटे शैलेश कुमार को दी बधाई, कहा- यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण
Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के बेटे शैलेश कुमार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शैलेश कुमार जी की यह जीत न केवल बिहार बल्कि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के पुरुष हाई जंप में T63/42 श्रेणी में गोल्ड जीतने और चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाने पर बिहार के बेटे शैलेश कुमार को हार्दिक बधाई दी है। सीएम ने कहा कि, "शैलेश कुमार जी की यह जीत न केवल बिहार की, बल्कि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। शैलेश कुमार की इस ऐतिहासिक जीत पर राज्य सरकार उन्हें खेल पुरस्कार योजना के तहत 75 लाख रुपए की राशि एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित करेगी। शैलेश की यह जीत बिहार में खेलों के क्षेत्र में हो रहे बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है।"
बिहार के इस जिले हैं शैलेश
शैलेश कुमार बिहार के जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड के इस्लामनगर गांव के रहने वाले हैं। शैलेश कुमार ने T42 श्रेणी की हाई जंप प्रतिस्पर्धा में 1.91 मीटर ऊंची छलांग लगाकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बात की जानकारी देते हुए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि इस स्पर्धा में शैलेश ने 1.85, 1.88, 1.91 मीटर ऊंची छलांग लगाकर तीन बार चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया है। वह पेरिस में हुए पिछले वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप के रजत पदक और चीन में हुए एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता भी रह चुके हैं।
स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खास
कठिन परिस्थितियों में यह मुकाम हासिल करने वाले शैलेश ने बताया कि स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने अगली चैंपियनशिप में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए ओलंपिक में स्वर्ण जीतने का सपना दोहराया। मुख्यमंत्री की बधाई का उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत किया है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में पैरा ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके
शैलेश का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से लगातार शानदार रहा है। फरवरी 2025 में चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय पैरा ओलंपिक खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था। इससे पहले 2024 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए पैरा ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यद्यपि वहां पदक नहीं जीत पाए, लेकिन उनके खेल ने सभी का ध्यान खींचा था। किसान परिवार से आने वाले शैलेश ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए दिन-रात मेहनत की। पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले दूसरे बिहारी खिलाड़ी शैलेश अब स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का मान बढ़ा चुके हैं।