Bihar News : जातीय जनगणना का आ गया निर्देश, जानिए मुख्य सचिव ने क्या-क्या कहा
Bihar : पूरे भारत में जातीय जनगणना करने की घोषणा कर दी गई है। यह दो चरणों में होना है। इसके लिए बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कई निर्देश जारी किए।
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भारत की जनगणना 2027 के पूर्व परीक्षण के संबंध में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। इस समिति का गठन भारत की जनगणना 2027 के कार्यों का सभी संबंधित विभागों के बीच जनगणना कार्यों के समन्वय, अनुश्रवन एवं पर्यवेक्षण करने के उद्देश्य से 01 अगस्त 2025 को किया गया है।
इस कार्यक्रम में इन बिंदुओं पर चर्चा की गयी
बिहार राज्य के सभी 534 ग्रामीण एवं 263 शहरी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार के संबंध में चर्चा की गयी। भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में सम्पन्न किया जाना है जिसमे पहला चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना जो की राज्य सरकार से परामर्श एवं सुविधानुसार अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच ३० दिनों की अवधि में सम्पन्न किया जाना है। तत्पश्चात द्वितीय चरण - वास्तविक गणना है जो कि 9 से 28 फरवरी 2027 के दौरान चार्ज अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणकों की नियुक्ति, उसका प्रशिक्षण इत्यादि को निश्चित समय सीमा के अंदर सम्पन्न किया जाना है।
जनगणना 2021 के लिए कुल ₹37.47 करोड़ राशि राज्य सरकार को पूर्व में आवंटित किए गएथे, जिनमें से कुल अवशेष राशि ₹36.53 करोड़ का उपयोग जनगणना 2027 के पूर्व-परीक्षण कार्य हेतु किया जाना है। पूर्व परीक्षण कार्य हेतु चयनितजिलों के जिलाधिकारी / चार्ज अधिकारी के द्वारा प्रगणक एवं पर्यवेक्षक नामित कर इसकी सूची निदेशालय को 25 सितंबर 2025 तक उपलब्ध कराना है। इनमें से आवश्यक रूप से 25–50 प्रतिशत महिला प्रगणकों का चयन किया जाना है। जनगणना कार्य निदेशालय बिहार, पटना के कार्यालय हेतु भवन निर्माण कार्य के लिए राज्य सरकार से भूमि उपलब्ध कराने के लिए भी अनुरोध किया गया।
इनकी रही मौजूदगी
समिति की बैठक में राज्य सरकार के निम्नांकित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी समिति के सदस्य के रूप में बिहार सरकार के मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव, समाज कल्याण विभाग के सचिव, पंचायती राज विभाग के सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, सूचना एवं जन – संपर्क विभाग के सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव और अर्थ एवं सांख्यिकीय निदेशालय के निदेशक भी शामिल थे। इस मौके पर उनके अतिरिक्त पूर्व परीक्षण कार्य के लिए सीतामढ़ी, नवादा एवं सारण जिला के जिलाधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।