Bihar: स्वास्थ्य मंत्री ने डीएनबी पाठ्यक्रम हेतु नवीन ऑडिटोरियम का किया लोकार्पण, नेत्र ऑपरेशन पर कही ये बात
Bihar: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग राज्य में चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह अस्पताल पहले सीमित संसाधनों के साथ संचालित था, जिसे वर्ष 2019 के बाद से विस्तार दिया गया।
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बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सोमवार को पटना के राजेन्द्र नगर स्थित अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र में डीएनबी पाठ्यक्रम के लिए नवनिर्मित ऑडिटोरियम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर कुम्हरार से विधायक अरुण कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री पाठ्यक्रम के 16 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में मंगल पांडेय ने बताया कि इस नेत्र विज्ञान केंद्र में नेत्र बैंक की स्थापना की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में इस अस्पताल में 80 हजार से अधिक नेत्र रोगियों की जांच की गई है, जिनमें मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, कॉर्निया और रेटिना से संबंधित मरीज शामिल हैं। इस दौरान 5,000 से अधिक नेत्र ऑपरेशन भी किए गए, जिनमें से केवल पिछले छह महीनों में ही 2,600 से अधिक ऑपरेशन किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अब अस्पताल का लक्ष्य प्रतिदिन 100 से अधिक नेत्र ऑपरेशन करने का है। इस हिसाब से सालाना करीब 36 हजार ऑपरेशनों का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मरीजों को मुफ्त चश्मों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही अस्पताल को हाल ही में आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 500 से अधिक मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जा चुका है।
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पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बिहार में एक वर्ष के भीतर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की है। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक संसाधनों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह ऑडिटोरियम विकसित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सत्र आधारित शिक्षण प्रणाली का लाभ मिलेगा। आने वाले कुछ महीनों में डीएनबी कोर्स के अंतर्गत चार सीटों पर अध्ययन कार्य शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग राज्य में चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह अस्पताल पहले सीमित संसाधनों के साथ संचालित था, जिसे वर्ष 2019 के बाद से विस्तार दिया गया। आज यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होकर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की सकारात्मक पहल अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में भी की जा रही है, जिससे वहां भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यहां के चिकित्सकों और पारा-मेडिकल स्टाफ को बेंगलुरु स्थित शंकरा आई फाउंडेशन में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। आगामी दो वर्षों में शंकर नेत्रालय यहां पूर्ण रूप से कार्य प्रारंभ करेगा। इसके विशेषज्ञ चिकित्सक यहां आकर स्थानीय टीम को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।
अपने संबोधन के अंत में मंगल पांडेय ने प्रशिक्षु विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज में दृष्टि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। इस कार्यक्रम में विधायक अरुण कुमार सिन्हा, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ शशांक शेखर सिन्हा, अति विशिष्ट नेत्र विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. अजीत कुमार द्विवेदी, तथा स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।