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अश्विनी चौबे की पत्नी को घसीटा: पप्पू यादव ने डेढ़ करोड़ लेने का लगाया आरोप; IAS सुसाइड को बताया प्रेशर में

Mon, 16 Jan 2023 04:47 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Mon, 16 Jan 2023 04:47 PM IST
सार

Bihar: जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव ने कहा है कि राजनेता-अफसरशाही के भ्रष्टाचार में पिसने पर उस समय बक्सर के DM मुकेश पांडेय ने आत्महत्या की थी। पप्पू ने एक दूसरे प्रोजेक्ट का नाम लेते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की पत्नी को घसीट लिया। 

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Pappu Yadav told Ashwini Choubey's wife a petty contractor and pressure of corruption in IAS suicide
पप्पू यादव ने डीएम सुसाइड कांड को पांच साल बाद जिंदा किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बक्सर के जिलाधिकारी (DM) रहते 2017 में गाजियाबाद में ट्रेन के आगे जान देने वाले IAS अधिकारी मुकेश पांडेय ने पारिवारिक कारणों से जान देने की वजह सुसाइड लेटर में लिखी थी, लेकिन अब जन अधिकार पार्टी (JAP) प्रमुख पप्पू यादव ने कहा है कि बक्सर में राजनेता-अफसरशाही के भ्रष्टाचार में पिसने पर उन्होंने आत्महत्या की थी। इस बहाने पप्पू यादव ने एक दूसरे प्रोजेक्ट का नाम लेते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की पत्नी को घसीट लिया। उन्होंने कहा कि एक प्रोजेक्ट में चौबे जी की पत्नी ने एक करोड़ लिए।

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क्यों बताया DM मुकेश पांडेय पर प्रेशर
पप्पू यादव ने कहा कि सिक्स लेन मार्ग के लिए उस समय जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी, जब डीएम मुकेश पांडेय ने आत्महत्या की। इसकी 70 से 75 प्रतिशत राशि गबन कर ली गई। नेता और अफसरों ने मिलकर यह गबन किया। यह जांच होनी चाहिए कि मुकेश पांडेय पर किसका दबाव था? यह जांच का विषय है कि किन नेताओं के परिजन इसमें पेटी कांट्रैक्टर हैं? मुकेश पांडेय के मोबाइल-फोन की डिटेल जांच की जानी चाहिए कि किसने प्रेशर देकर उन्हें सुसाइड के लिए मजबूर किया? यही नहीं, जल विद्युत परियोजना के निर्माण का भी पूरा प्रोजेक्ट जांचा जाना चाहिए। 75 प्रतिशत काम हो गया है और 35 प्रतिशत किसानों को ही भुगतान मिला है। वह भी 2013-14 की दर पर। जबकि, उस समय डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने दर को तीन गुना कर दिया और बाद में बदली केंद्र की सरकार ने छह गुना कर दिया। मधेपुरा में छह गुना के रेट पर मुआवजा मिला तो बक्सर में यह क्यों नहीं किया गया? इसकी कमिटी में सांसद, विधायक, डीएम...सारे हैं। नेता-अफसर सारे कंपनी से मिले हुए हैं। अश्विनी चौबे की पत्नी ने डेढ़ करोड़ लिए। सभी नेताओं के लोग ठेकेदारी कर रहे हैं। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। 

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