{"_id":"9b222998-9dc7-11e2-8df1-d4ae52bc57c2","slug":"no-confidence-motion-rejected-against-nitish-goverment","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 05 Apr 2013 01:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को उस समय शर्मिंदगी उठानी पड़ी, जब नीतीश कुमार की एनडीए सरकार के खिलाफ उसके द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
यहां तक कि सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने भी विधानसभा में राजद का साथ नहीं दिया। राजद अविश्वास प्रस्ताव मूव कराने के लिए आवश्यक 23 सदस्य नहीं जुटा पाया।
सदन में राजद के 22 विधायक हैं। इनमें पांच सदस्य अनुपस्थित रहे। विरोधी दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी की गैरमौजूदगी में वोटिंग की गई।
विधानसभा में गुरूवार को स्पीकर उदय नारायणन चौधरी ने समर्थन के लिए जरूरी सदस्यों की संख्या कम होने के चलते यह फैसला लिया।
राजद विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह और उनकी पार्टी के छह अन्य सदस्यों ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद सरकार के खिलाफ स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
संक्षिप्त अवलोकन के बाद स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि इस प्रस्ताव के लिए सदस्यों की संख्या कमी थी।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 23 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी, जबकि विधानसभा में सिर्फ 17 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था।
कांग्रेस के 4, लोक जनशक्ति पार्टी के 1, भाकपा के 1 और छह निर्दलीय सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
जल संसाधन विभाग मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें संसदीय नियमों की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजद विधायकों ने यह प्रस्ताव लाने से पहले विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दकी से सलाह भी नहीं ली।
विज्ञापन
यहां तक कि सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने भी विधानसभा में राजद का साथ नहीं दिया। राजद अविश्वास प्रस्ताव मूव कराने के लिए आवश्यक 23 सदस्य नहीं जुटा पाया।
सदन में राजद के 22 विधायक हैं। इनमें पांच सदस्य अनुपस्थित रहे। विरोधी दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी की गैरमौजूदगी में वोटिंग की गई।
विधानसभा में गुरूवार को स्पीकर उदय नारायणन चौधरी ने समर्थन के लिए जरूरी सदस्यों की संख्या कम होने के चलते यह फैसला लिया।
राजद विधायक दुर्गा प्रसाद सिंह और उनकी पार्टी के छह अन्य सदस्यों ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद सरकार के खिलाफ स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
संक्षिप्त अवलोकन के बाद स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि इस प्रस्ताव के लिए सदस्यों की संख्या कमी थी।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 23 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी, जबकि विधानसभा में सिर्फ 17 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था।
कांग्रेस के 4, लोक जनशक्ति पार्टी के 1, भाकपा के 1 और छह निर्दलीय सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
जल संसाधन विभाग मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें संसदीय नियमों की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राजद विधायकों ने यह प्रस्ताव लाने से पहले विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दकी से सलाह भी नहीं ली।
विज्ञापन