नीतीश ने लालू-मुलायम के आगे डाले हथियार
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बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर राजद और जेडीयू में चली आ रही खींचतान पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और जनता परिवार के मुखिया मुलायम सिंह के घर पर दोपहर बाद हुई बैठक में बिहार के आगामी चुनावों में गठबंधन के तहत लड़ने का फैसला किया गया।
जिसमें सीटों का बंटवारा तय करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी ही लालू के राजद और नीतीश कुमार के जेडीयू को दी जाने वाली सीटों का फैसला करेगी। इस कमेटी में दोनों दलों के तीन तीन सदस्य होंगे। बैठक के दौरान लालू यादव और नीतीश कुमार मौजूद रहे।
वहीं इसमें सबसे बड़ा झटका नीतीश कुमार खेमे को लगा है। बिहार का चुनाव अब नीतीश के चेहरे पर नहीं गठबंधन के नाम पर लड़ा जाएगा। जबकि अभी तक जेडीयू बिहार में नीतीश के नाम पर ही चुनाव लड़ने का दावा करती रही है।
इसी कड़ी में दो दिन से पूरे पटना को नीतीश कुमार के बैनर पोस्टरों से भी पाट दिया गया है। लेकिन हालिया निर्णय से नीतीश समर्थकों में मायूसी छा सकती है।
मुलायम से पहले राहुल से मिलने पहुंचे नीतीश
इससे पहले नीतीश कुमार ने उस समय भी राजनीति गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया जब वो मुलायम सिंह से बैठक से पहले सुबह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पहुंच गए।
लगभग घंटा भर चली बातचीत में इस बात की स्पष्ट जानकारी तो नहीं मिल सकी की दोनों नेताओं ने किन किन मुद्दों पर बात की लेकिन यह साफ हो गया है कि बिहार चुनाव में जेडीयू को लालू यादव का साथ मिले न मिले लेकिन कांग्रेस जरूर उसे समर्थन करेगी।
दो दिन पहले कांग्रेस नेता इस बात को खुलकर स्वीकार भी कर चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी से नीतीश कुमार की मुलाकात को इसी की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार दिल्ली में किस कदर तैयारियों से आए हैं इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वहां यहां आने से पहले एक ट्रक भरके बिहार से अपने साथ आम लेकर आए हैं।
जिन्हें वो अपने राजनीतिक मित्रों को भेंट करेंगे। इसी उपहार की राजनीति की बदौलत व्यक्तिगत संबंधों को प्रगाढ़ करके नीतीश बिहार चुनाव की राह आसान करना चाहते हैं।