अफसरों के कामकाज से असंतुष्ट नीतीश ने दिखाए तेवर
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फायर ब्रिगेड के कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह फायरब्रांड तेवर में दिखे। उन्होंने अपने संबोधन में व्यापारियों से लेकर सरकारी अधिकारियों तक की जमकर क्लास लगायी।
नीतीश कुमार के तेवर देखकर साफ लग रहा है कि वो सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं और बड़े बदलाव का मन बना चुके हैं। शनिवार को फायर ब्रिगेड की कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने बार-बार दुहराया कि अधिकारियों का बड़ा तबका काम नहीं करना चाहता है।
उनके बार-बार कहने के बावजूद काम नहीं होता है। सरकारी अधिकारी जनता की सेवा करने के बजाय नौकरी का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। अब ये सब बहुत दिन नहीं चलेगा। जनता हमारी और आपकी ओर देख रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में व्यवसायियों को देखा तो टैक्स में इजाफे के खिलाफ उनका आंदोलन याद आ गया। मंच से साफ -साफ सुना दिया टैक्स कम नहीं होगा। सरकार से अगर बहुत नाराजगी है, तो चुनाव में हिसाब कर लीजियेगा। नीतीश ने साफ कर दिया कि सरकार को पैसे की जरूरत है और पैसा आसमान से नहीं टपकेगा, बल्कि व्यापारियों के पास से ही आयेगा।
फाइलों से विवाद खड़ा करना चाहती है भाजपा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुताबिक केंद्र सरकार के नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने के पीछे कोई गुप्त मकसद है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं का स्वतंत्रता संघर्ष में कोई अहम रोल नहीं था, लेकिन भाजपानीत केंद्र सरकार बोस से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक कर स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान रही विभिन्न विचारधाराओं को सामने लाकर विवाद खड़ा करना चाहती है।
नीतीश कुमार ने कहा कि जहां महात्मा गांधी ने अहिंसा की विचारधारा को अपनाया था, वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस उग्र विचारधारा वाले थे। उन्होंने कहा कि इन स्वतंत्रता सेनानियों की विचारधारा भले ही भिन्न थी, लेकिन उनकी लड़ाई देश को स्वतंत्रता दिलाने के एक मकसद के लिए ही थी और अब भाजपा इन्हें सामने लाकर उन्हें राजनीतिक रंग देना चाहती है।