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मुलायम पर कठोर हुए नीतीश, ठुकराया रैली में आने का न्योता

Wed, 02 Nov 2016 03:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना 
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना  Updated Wed, 02 Nov 2016 03:45 AM IST
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Nitish harsh on mulayam singh , reject invitation of rally
- फोटो : amar ujala

समाजवादियों की एकता के लिए मुलायम सिंह यादव को अभी नीतीश कुमार का साथ नहीं मिलेगा। जदयू ने उनके न्योते को ठुकरा दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया कि सपा के अंदर चल रहे पारिवारिक झगडे़ के खत्म होने के बाद ही वो मुलायम के ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार करेगा। 

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मंगलवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठि नारायण सिंह ने कहा कि पांच नवंबर को सपा की रैली में ना तो नीतीश जाएंगे और ना ही उनकी पार्टी का कोई दूसरा नेता जाने वाला है। श्री सिंह ने कहा कि मुलायम का परिवार कलह से जूझ रहा है और इस रैली से एक पक्ष खुद को मजबूत दिखाना चाह रहा है। जदयू उनके पारिवारिक विवाद में नहीं पड़ेगा। 
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इधर, लालू ने समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कहते हुए कहा कि मैं चार नवंबर को लखनऊ जाऊंगा और पांच नवंबर को वहां होने वाले समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होऊंगा। लालू के रैली में शामिल होने पर जदयू ने कहा कि पार्टी को लालू के उस रैली में शामिल होने पर कोई आपत्ति नहीं है।

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सपा के साथ जाना अब नीतीश के लिए डेथ वारंट  

Nitish harsh on mulayam singh , reject invitation of rally

यूपी और मुलायम को लेकर नीतीश फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहे हैं। यह सच है कि भाजपा के खिलाफ मोर्चाबंदी नीतीश की प्राथमिकता है, लेकिन नीतीश बिहार चुनाव में मुलायम की दगाबाजी को नहीं भूले हैं। वो मुलायम के प्रस्ताव पर नफा-नुकसान देख रहे हैं। 

यूपी में सपा के साथ जाने पर उन्हें चुनाव में बहुत सीटें मिलने की उम्मीद नहीं है। अगर जीत भी गए तो उसका क्रेडिट भी अखिलेश के सिर जाएगा। जानकारों की मानें तो नीतीश की असली परेशानी यूपी में हार का डर है। अगर वहां हार गए तो अखिलेश से बड़ी क्षति नीतीश की होगी। 

बिहार में मिला जो भाजपा के खिलाफ माइलेज नीतीश के हाथ लगा वो उनके हाथ से चला जाएगा। ऐसे में नीतीश के लिए भी यूपी में मुलायम के साथ जाना एक प्रकार से डेथ वारंट पर साइन करने जैसा ही होगा। जदयू के लिए यूपी में चुनावी जमीन तलाश रहे नीतीश ऐसा क्यों करेंगे। यह सवाल जदयू से लेकर राजद कार्यालय तक में हर कोई एक दूसरे से पूछ रहा है। उत्तर किसी के पास नहीं है। शायद इसी लिए हर कोई वक्त का इंतजार कर रहा है।

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