नीतीश के निशाने पर दिल्ली: बोले- पूछिए कि क्यों रेल बजट हटा दिए, हम तो हर सांसद से पूछ एक मांग पूरी करते थे
केंद्र पर हमलावर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बजट को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा- “पता नहीं, इन लोगों को क्या हुआ कि रेलवे बजट हटा दिए।" मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय की भाजपा के लिए लाल कृष्ण आडवाणी पर भी कटाक्ष किया।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले बिहार में समाधान यात्रा कर रहे हैं, लेकिन लक्ष्य केंद्र ही है। गुरुवार को उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बदलने का लक्ष्य बताया तो शुक्रवार को समाधान यात्रा में गृह क्षेत्र नालंदा पहुंचकर केंद्रीय बजट को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा- “पता नहीं, इन लोगों को क्या हुआ कि रेलवे बजट हटा दिए। हर आदमी से जुड़ा है रेल। हम तो रेल मंत्री थे तो इन लोगों को भी पूछ-पूछ कर उनके क्षेत्र में सुविधा देते थे।” कटाक्ष का दौर यहीं खत्म नहीं हुआ। बात खत्म करते हुए उन्होंने एक बार फिर दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति श्रद्धा जताते हुए भाजपा की वर्तमान परिस्थितियों के बारे में कहा कि "एक बार जरा आडवाणी जी से भी पूछ लीजिए हालचाल!”
हमारे बिहारशरीफ का कोई जातिगत गणना के खिलाफ था!
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहारशरीफ में कहा कि मैं यहां का एमपी-एमएलए रहा हूं और इसके तो नाम में ही हमारे राज्य का नाम है, इसलिए यहां की एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया। हमलोग राज्य का काम कर रहे हैं। जानना चाहते हैं आर्थिक स्थिति को देखें। विकास के काम को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। कैसे लोगों को मदद करें, आगे बढ़ाएं। पता नहीं कैसे कोई बिहारशरीफ का आदमी सुप्रीम कोर्ट इसके खिलाफ चला गया। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि आम आदमी की जरूरत और नौकरी का ख्याल प्राथमिकता में रखते हैं। रेलवे में भी तो खूब नौकरी दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री रेल बजट की बात करने लगे।
उन्होंने कहा- “रेलवे बजट की हाउस में रात-रात भर चर्चा होती थी। जितने दिन हम रहे, इस काम में इतनी खुशी होती थी। रेलवे का अलग बजट कराना ही चाहिए। एक-एक आदमी से जुड़ा है। आबादी बढ़ गई। जरूरत बढ़ गई। खूब अच्छा हो जाए, यह चाहते हैं। इसके लिए बहाली तो होनी ही चाहिए। रेल बजट रहना ही चाहिए। क्या इन लोगों को हुआ कि रेलवे का बजट हटा दिए। जरा इन लोगों से ही पता कर लीजिए। कोई पार्टी का रहे, इनका काम करते थे। आज जो राज में हैं, उनका भी काम करते थे। छह महीने पहले से पूछते थे, एक-एक सांसद से कि कोई एक जरूरी डिमांड बताइए। उसे पूरा करते थे।" उन्होंने इसी बहाने दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को फिर याद किया और इसी बहाने कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा- “अटल जी को याद करते हैं। उनके प्रति सम्मान है। आज के हालचाल के बारे में कभी आडवाणी जी से भी पूछ लीजिए।"