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Nalanda: डेंटल कॉलेज में नाराज कर्मचारियों ने की तालाबंदी, आठ महीने से वेतन नहीं मिलने से जीवनयापन पर संकट

Tue, 05 Sep 2023 04:22 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत Updated Tue, 05 Sep 2023 04:22 PM IST
सार

नालंदा डेंटल कॅालेज के नाराज कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दी। आक्रोशित कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उनका जीवन-यापन संकट में है। गार्ड और सफाई कर्मी ने संयुक्त रूप से गेट पर ताला लगा दिया।

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Nalanda employees locked out Dental College livelihood in crisis due to not getting salary last eight months
समय पर वेतन नहीं आने से आक्रोशित सफाईकर्मियों ने अस्पताल का गेट बंद कर दिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के नालंदा के रहुई प्रखंड के पैठना भागनबिगहा स्थित राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के कर्मचारी आक्रोशित हो गए। सफाईकर्मियों को पिछले आठ महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला हैं। जिसको लेकर कर्मचारियों ने नाराज होकर दंत महाविद्यालय और अस्पताल के मुख्य गेट बंद कर दिया।

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इस दौरान सभी गार्ड और सफाईकर्मियों ने मिलकर अपने बकाया वेतन की मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, अस्पातल के गार्ड सुर्यमणी पासवान, विनय प्रसाद, दिलीप कुमार ने बताया कि पिछले आठ महीने से उन लोगों को वेतन नहीं मिला है। जिस कारण उनके घरों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है। किसी तरह से आस पड़ोस से कर्ज लेकर अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं। पर्व-त्योहार में भी वेतन नहीं दिया गया। जिसके कारण अब घरों में चूल्हे जलने पर संकट खड़ा हो गया है।
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प्रदर्शन कर रहे गार्ड और सफाईकर्मियों ने कार्यरत एजेंसी के सुपरवाइजर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सैलरी से सुपरवाइजर 1500 से 2000 रुपये ले लेते हैं। वहीं, इस संबंध में सुपरवाइजर ओम प्रकाश भारती ने आरोपों को खंडन करते हुए इस तरह की बात से इंकार कर दिया। डेंटल कॉलेज सह अस्पताल में 25 गार्ड, 17 सफाईकर्मी, एक डाटा ऑपरेटर, 25 ऑफिस ब्वॉय तैनात हैं और इन सभी को आठ महीने से वेतन नहीं मिला है। जिसको लेकर सभी में नाराजगी है। गार्ड द्वारा ये भी बताया गया कि जब वेतन की मांग करने जाते हैं तो प्रिंसिपल के यहां जाने को कहा जाता है और जब प्रिसिंपल के यहां जाते हैं तो बड़ा बाबू के यहां जाने के लिए कहा जाता है। उन्हें, इधर-इधर भेज कर समय बर्बाद किया जाता है।
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इस मामले में प्रिंसिपल डॉ. विकास वैभव ने कहा कि हमलोगों को पैसा देने का अधिकार नहीं है। फ्रंटलाइन कंपनी उन्हें पैसा देती है। कार्यरत गार्ड और सफाई कर्मियों को समझा-बूझाकर हड़ताल वापस लेने की अपील की गई है जो वह मान गए हैं। जल्दी ही बकाया वेतन का भुगतान संबंधित एजेंसी के कर देगी। अस्पताल के मुख्य गेट बंद होने के कारण थोड़ी देर के लिए ओपीडी सेवा प्रभावित हो गई। दंत चिकित्सालय में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज अपने दातों के इलाज के लिए पहुंचते हैं। इस मौके पर सूर्यमणी पासवान, कलेंडर पासवान, विजय पासवान, रामप्रवेश कुमार, मनीष कुमार, आशुतोष कुमार, विरेंद्र कुमार, मनोज पासवान, राकेश कुमार, रंजू देवी और उर्विला देवी के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे।

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