फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Muzaffarpur News ›   Tirhut Graduate Bypoll Vanshidhar Brijwasi filed nomination says fight for teachers rights is motive KK Pathak

Tirhut Graduate Bypoll: केके पाठक से भिड़ने वाले निलंबित शिक्षक नेता ने भरा नामांकन, कह दी बड़ी बात

Fri, 15 Nov 2024 05:07 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरहुत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरहुत Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 15 Nov 2024 05:07 PM IST
सार

Tirhut Graduate Bypoll: शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने कहा कि उन्हें सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मैं चुनाव नहीं जीतूंगा, शिक्षकों और स्नातकों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा। 

विज्ञापन
Tirhut Graduate Bypoll Vanshidhar Brijwasi filed nomination says fight for teachers rights is motive KK Pathak
शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने दाखिल किया नामांकन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार सरकार और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक से टकराव के कारण निलंबित शिक्षक और चर्चित शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उपचुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन किया। उन्होंने हजारों समर्थकों के साथ हाथों में तिरंगा झंडा लेकर जुलूस निकाला। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए वंशीधर ने शिक्षकों और स्नातकों के अधिकारों की लड़ाई को अपनी प्राथमिकता बताया। 

विज्ञापन

 
सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
वंशीधर बृजवासी ने मौजूदा और पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी ने शिक्षकों और स्नातकों को केवल वादों से ठगा है। उन्होंने पटना में शिक्षकों पर लाठीचार्ज, पानी की बौछार और अन्य दमनात्मक कार्रवाइयों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों को उनका हक दिलाने के बजाय दमन की राजनीति की है। शिक्षकों को न आईकार्ड मिला, न उनके अधिकारों की रक्षा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी उम्मीदवारी शिक्षकों और स्नातकों के हक की आवाज बुलंद करने के लिए है। 
विज्ञापन

 
नामांकन के बाद शहीद स्मारक पर किया माल्यार्पण
नामांकन दाखिल करने के बाद वंशीधर बृजवासी ने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर शहीद स्मारक पर पहुंचकर खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मैं चुनाव नहीं जीतूंगा, शिक्षकों और स्नातकों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
शिक्षकों के साथ हैं मेरा बल
वंशीधर ने दावा किया कि उनके साथ 60,000 से अधिक शिक्षक हैं, जो उनके समर्थन में मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक मेरे साथ हैं। यह चुनाव केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक समुदाय की आवाज है। वंशीधर बृजवासी ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया है। उनकी उम्मीदवारी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। 
 
चुनावी मैदान में बढ़ी सरगर्मी
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए के अभिषेक झा, महागठबंधन के गोपी किशन, जन सुराज के डॉ. विनायक गौतम समेत कई अन्य प्रत्याशी पहले ही मैदान में हैं। वंशीधर बृजवासी के उतरने से चुनावी मुकाबला और रोचक हो गया है। 

 
वंशीधर का संकल्प
वंशीधर बृजवासी ने चुनाव जीतने पर शिक्षकों और स्नातकों के अधिकारों की रक्षा, सरकारी वादों को लागू करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सत्ता पाने की नहीं, बल्कि एक नई व्यवस्था बनाने की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed