Bihar: PAT मेरिट लिस्ट पर बवाल, छात्रों का विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा, 20 जून को मशाल जुलूस का ऐलान
मुजफ्फरपुर के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में PAT 2023-24 की मेरिट लिस्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। संयुक्त छात्र संगठनों ने मेरिट लिस्ट में रोस्टर नियमों की अनदेखी, गोल्ड मेडलिस्ट और टॉपर छात्रों को बाहर करने तथा कथित रूप से चहेतों और रिश्तेदारों को शामिल करने का आरोप लगाया है।
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मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय में PAT 2023-24 की मेरिट लिस्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। मेरिट लिस्ट में कथित गड़बड़ी और रोस्टर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए संयुक्त छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र संगठनों ने 20 जून को लंगट सिंह महाविद्यालय गेट से कुलपति आवास तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
संयुक्त छात्र संगठनों ने की प्रेस वार्ता
विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छात्र नेता डॉ. चंदन यादव ने कहा कि PAT 2023-24 की मेधा सूची तैयार करने में रोस्टर नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को भी मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने चहेतों और कथित रिश्तेदारों को सूची में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह मेधावी छात्रों के साथ अन्याय और उनकी प्रतिभा के साथ धोखा है। छात्र संगठनों ने शुरू से ही इस छात्र विरोधी नीति का विरोध किया है और इसी वजह से मेरिट लिस्ट का बहिष्कार भी किया गया था।
कुलपति के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
डॉ. चंदन यादव ने बताया कि विरोध के बाद कुलपति ने छात्र नेताओं से मुलाकात कर एक सप्ताह के भीतर पूरे मामले की जांच कर ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार सप्ताह बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की बिंदुवार जांच के लिए लोकभवन को भी लिखित शिकायत भेजी गई है और अब छात्र संगठन चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं।
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20 जून को निकलेगा मशाल जुलूस
छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि 20 जून को बड़ी संख्या में छात्र लंगट सिंह महाविद्यालय गेट से कुलपति आवास तक मशाल जुलूस निकालेंगे और न्याय की मांग करेंगे। उनका कहना है कि जब तक मेरिट लिस्ट की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
कुलपति पर तानाशाही रवैये का आरोप
छात्र नेता डॉ. चंदन यादव ने विश्वविद्यालय के कुलपति पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुलपति ने सिर्फ मेधा का गला नहीं घोंटा, बल्कि इतिहास और भूगोल विभाग के टॉपर छात्रों को भी मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास और भूगोल को बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसे छात्र किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कई छात्र संगठन आंदोलन में शामिल
प्रेस वार्ता में छात्र लोजपा विश्वविद्यालय अध्यक्ष चंदन पासवान, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के अभिषेक कुशवाहा, भूगोल विभाग के टॉपर अविनाश कुमार, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष आदित्य कुमार, समीर झा, नीरज कुमार सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे। सभी ने मेरिट लिस्ट की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।