फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   muzaffarpur jigyasa national basketball under17 bihar team struggle hardwork inspiration

Bihar News: 'घायल हाथ, अडिग हौसला', मुजफ्फरपुर की जिज्ञासा ने राष्ट्रीय बास्केटबॉल में धमाका किया

Thu, 15 Jan 2026 11:09 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Thu, 15 Jan 2026 11:09 AM IST
सार

मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड की जिज्ञासा ने 69वीं राष्ट्रीय स्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता अंडर-17 में बिहार टीम में जगह बनाई। बचपन में हाथ फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्होंने लगातार अभ्यास और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बनाई।

विज्ञापन
muzaffarpur jigyasa national basketball under17 bihar team struggle hardwork inspiration
मुजफ्फरपुर की जिज्ञासा ने राष्ट्रीय बास्केटबॉल में किया बिहार का प्रतिनिधित्व - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के बसुआ गांव की बेटी जिज्ञासा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। जिज्ञासा का चयन 69वीं राष्ट्रीय स्कूल बास्केटबॉल प्रतियोगिता अंडर-17 में बिहार टीम के लिए हुआ है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आयोजित हो रही है, जहां जिज्ञासा बिहार टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जिज्ञासा, गांव के किसान मनोज ठाकुर और बेबी कुमारी की पुत्री हैं और वर्तमान में जीडी मदर विद्यालय मुजफ्फरपुर में कक्षा दसवीं की छात्रा हैं।
विज्ञापन


संघर्ष और मेहनत की कहानी

जिज्ञासा की सफलता के पीछे उनकी कठिन मेहनत और संघर्ष की कहानी भी है। बचपन में ऊंची जगह से गिरने के कारण उनका हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। इस दौरान वह कई महीनों तक उस हाथ से कोई काम नहीं कर पा रही थीं। लेकिन हार न मानकर लगातार अभ्यास और संघर्ष के दम पर आज वही हाथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बास्केटबॉल खेलने में मदद कर रहा है। सामान्य परिवार से होने के बावजूद जिज्ञासा के पिता ने उनकी शिक्षा और खेल प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें शहर में पढ़ाने का निर्णय लिया। उनकी इसी सोच और जिज्ञासा की मेहनत का परिणाम आज सामने आया है। जिज्ञासा के अंडर-17 बिहार टीम में चयन की खबर मिलते ही बसुआ गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन



पढ़ें- छात्रा अपेक्षा की रहस्यमय मौत: शव के पोस्टमार्टम में गोली लगने का संदेह, परिजनों के बयान जांच के घेरे में; बताया क्या था?
विज्ञापन
विज्ञापन


दादी हुई भावुक

जिज्ञासा की दादी ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी पोती बचपन से ही संघर्षशील रही है और उसे खेल का शौक था। हाथ टूटने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और मेहनत से आज वह राष्ट्रीय स्तर पर खेल रही है। दादी ने उम्मीद जताई कि जिज्ञासा जिला और राज्य का नाम ऊंचा करेगी और देश के लिए भी खेलकर बिहार का नाम रोशन करेगी। जिज्ञासा की यह उपलब्धि न केवल बसुआ गांव बल्कि पूरे औराई प्रखंड की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed