NEET 2025: सीतामढ़ी की मुस्कान आनंद बनीं नीट यूजी 2025 की बिहार टॉपर, हासिल की 112वीं रैंक; सेल्फ स्टडी आई काम
NEET 2025: मुस्कान ने बताया कि उन्होंने नीट 2025 की पूरी तैयारी नारायणा स्कूल, विजयवाड़ा के कैंपस में रहकर की। स्कूल के शिक्षकों द्वारा पढ़ाया गया सिलेबस उन्हें गहराई से समझ में आया, जिससे उनकी नींव मजबूत हुई। पढ़ें पूरी खबर
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सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 25, बसबरिया निवासी मुस्कान आनंद ने मॉक टेस्ट और सेल्फ स्टडी के दम पर नीट यूजी 2025 में बिहार टॉपर बनकर इतिहास रच दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा में मुस्कान ने 720 में से 643 अंक हासिल किए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बूते उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 112वीं, ओबीसी वर्ग में 26वीं और लड़कियों में 20वां स्थान प्राप्त किया है। मुस्कान की इस अभूतपूर्व सफलता से उनके परिवार, स्कूल और जिले में हर्ष का माहौल है।
बचपन से मेधावी रही मुस्कान
मुस्कान के दादा शंकर प्रसाद, पिता शशि भूषण कुमार और मां रिंकी देवी उनकी सफलता पर फूले नहीं समा रहे। पिता ने बताया कि मुस्कान शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही हैं। मेहनत, आत्मअनुशासन और समर्पण उनकी खास पहचान रही है। मुस्कान बताती हैं कि हर चैप्टर को गहराई से समझना और फिर खुद से मॉक टेस्ट देना ही मेरी सबसे बड़ी तैयारी थी। मैंने हर परीक्षा को खुद की प्रगति का आईना माना और लगातार सुधार किया।
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स्कूल कैंपस से की पूरी तैयारी
मुस्कान ने बताया कि उन्होंने नीट 2025 की पूरी तैयारी नारायणा स्कूल, विजयवाड़ा के कैंपस में रहकर की। स्कूल के शिक्षकों द्वारा पढ़ाया गया सिलेबस उन्हें गहराई से समझ में आया, जिससे उनकी नींव मजबूत हुई। उन्होंने बिना किसी बाहरी कोचिंग या ऑनलाइन संसाधन के सिर्फ सेल्फ स्टडी और मॉक टेस्ट पर भरोसा किया। उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। उनका मानना है कि लगन, आत्मअनुशासन और निरंतर अभ्यास ही किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता की कुंजी हैं।
बेटियों के लिए बनीं मिसाल
मुस्कान ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों को दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र सेल्फ स्टडी को गंभीरता से ले, तो वह किसी भी बड़ी परीक्षा को पास कर सकता है। मेहनत और दिशा सही हो तो संसाधनों की कमी आड़े नहीं आती। सीतामढ़ी जिले के लिए यह एक गर्व का क्षण है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और नागरिकों ने मुस्कान को बधाई दी है। खासकर बेटियों के लिए मुस्कान की यह उपलब्धि प्रेरणास्रोत बन गई है।