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Bihar Assembly Elections 2025: 'चिराग बनें मुख्यमंत्री तो हमें सबसे ज्यादा खुशी होगी', हाजीपुर में बोले पशुपति
Sat, 04 Oct 2025 08:30 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 08:30 AM IST
सार
Bihar Assembly Election 2025: पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि अगर चिराग मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह उनके परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी होगी।
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पुर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस मिडिया से बात करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शनिवार को अपने भतीजे चिराग पासवान को लेकर बड़ा बयान दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर चिराग पासवान बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमें सबसे ज्यादा खुशी होगी। वह हमारे घर का लड़का है, हमारा भतीजा है और इससे बड़ी खुशी हमें और किसको होगी। पशुपति पारस ने कहा कि मुख्यमंत्री बन जाना अच्छी बात है, लेकिन यह तभी संभव है जब बिहार की जनता चाहेगी। जनता के हाथ में सुप्रीम पावर है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक-एक वोट की अहमियत होती है। एक वोट से ही देश का प्रधानमंत्री, संसद सदस्य और विधानसभा का सदस्य चुना जाता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता बहुत राजनीतिक रूप से जागरूक है और यहां लोग हर फैसला सोच-समझकर लेते हैं। इसलिए बिहार की जनता जिसको वोट देगी वही मुख्यमंत्री बनेगा। अगर चिराग पासवान मुख्यमंत्री बनते हैं तो परिवार के लिए यह गर्व और खुशी की बात होगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और हम नेता जीतन राम मांझी के बयान पर भी पशुपति पारस ने प्रतिक्रिया दी। मांझी ने हाल ही में वोटर लिस्ट को "गंगाजल की तरह शुद्ध" बताया था। इस पर जवाब देते हुए पारस ने कहा कि मांझी अभी सरकार में हैं इसलिए सरकार की ही बात करेंगे। लेकिन नेताओं को निष्पक्ष होकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए तब मतदाता सूची सही थी, फिर अब अचानक SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) की जरूरत क्यों पड़ी? पारस ने आरोप लगाया कि भारत सरकार के लोग चुनाव आयोग पर दबाव डालकर बिहार में 67 लाख लोगों को मौलिक अधिकार से वंचित कर रहे हैं। यह संविधान की अवहेलना है।
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वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और हम नेता जीतन राम मांझी के बयान पर भी पशुपति पारस ने प्रतिक्रिया दी। मांझी ने हाल ही में वोटर लिस्ट को "गंगाजल की तरह शुद्ध" बताया था। इस पर जवाब देते हुए पारस ने कहा कि मांझी अभी सरकार में हैं इसलिए सरकार की ही बात करेंगे। लेकिन नेताओं को निष्पक्ष होकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार में जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए तब मतदाता सूची सही थी, फिर अब अचानक SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) की जरूरत क्यों पड़ी? पारस ने आरोप लगाया कि भारत सरकार के लोग चुनाव आयोग पर दबाव डालकर बिहार में 67 लाख लोगों को मौलिक अधिकार से वंचित कर रहे हैं। यह संविधान की अवहेलना है।
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एनडीए और महागठबंधन की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की स्थिति सही नहीं है। महागठबंधन के लोग और सामाजिक न्याय से जुड़े दल एकजुट हैं। हालांकि अभी महागठबंधन में सीट बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई है। चुनाव की घोषणा के बाद सीटों पर बात होगी। इसी दौरान उन्होंने अपने पुत्र यश पासवान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। पारस ने कहा कि यश पासवान इस बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि जहां से वे खुद आठ बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं, उसी अलौली विधानसभा क्षेत्र से यश पासवान चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह लगातार क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं। हालांकि पारस ने साफ किया कि अंतिम फैसला पार्टी का होगा और जो भी सीट मिलेगी, उसी से चुनाव लड़ा जाएगा।