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Bihar News: कैश वैन लूट का मास्टरमाइंड निकला अपना ही कर्मचारी, व्हाट्सएप लाइव लोकेशन से रची थी साजिश
Fri, 26 Jun 2026 08:00 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 08:00 PM IST
सार
वैशाली के सराय थाना क्षेत्र में सीएमएस कंपनी की कैश वैन से करीब 1.99 करोड़ रुपये लूटने की साजिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में कंपनी का कैश ऑफिसर प्रभात कुमार ही मास्टरमाइंड निकला, जिसने अपने साथियों को व्हाट्सएप पर लाइव लोकेशन भेजकर लूट की योजना बनाई थी।
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गिरफ्तार आरोपी के साथ वैशाली SP
विस्तार
वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र में सीएमएस कंपनी की कैश वैन लूट की साजिश का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में कंपनी के कैश ऑफिसर प्रभात कुमार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, करीब दो करोड़ रुपये की लूट की पूरी साजिश प्रभात कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी।
कैश ऑफिसर ही निकला साजिश का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि सीएमएस कंपनी में कार्यरत कैश ऑफिसर प्रभात कुमार ही इस लूट का मास्टरमाइंड था। वह कैश वैन की पूरी जानकारी अपने साथियों तक पहुंचा रहा था। घटना के दिन वह लगातार अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए कैश वैन की लाइव लोकेशन बदमाशों को भेज रहा था।
बदमाशों के पहुंचते ही खोल दिया वैन का गेट
जांच में पता चला कि जैसे ही बदमाश कैश वैन के पास पहुंचे, प्रभात कुमार ने पहले से ही वैन का गेट खोल दिया। इसके बाद हथियारबंद बदमाश वैन के अंदर घुस गए और कैश लूटने का प्रयास करने लगे। हालांकि चालक और अन्य कर्मचारियों की बहादुरी तथा पुलिस की तत्परता से कैश लूटा नहीं जा सका।
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ऑनलाइन गेम से हुई दोस्ती, फिर बनी लूट की योजना
पुलिस के अनुसार प्रभात कुमार और अमन कुमार की दोस्ती ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान हुई थी। इसी दौरान दोनों ने कैश वैन लूटने की योजना बनाई। बाद में अन्य साथियों को भी इस साजिश में शामिल किया गया।
23 जून को भी हुई थी लूट की कोशिश
पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बदमाशों ने पहली बार 23 जून को कैश वैन लूटने की योजना बनाई थी, लेकिन उस दिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद 25 जून को दोबारा पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करीब एक महीने से कैश वैन के आने-जाने के रास्ते और सुनसान स्थानों की रेकी कर रहे थे। प्रभात कुमार कंपनी की गोपनीय जानकारी भी अपने साथियों को देता था।
ये भी पढ़ें- Bihar: पहले बच्चे के जन्म का था इंतजार, पति ने गर्भवती पत्नी की ले ली जान; हत्या के बाद किसे लगाया फोन?
रानी पोखर के पास किया गया हमला
25 जून को चारों आरोपी एक कार से रानी पोखर पिकेट के पास पहुंचे और सुनसान जगह पर कैश वैन का इंतजार करने लगे। प्रभात कुमार लगातार वैन की लाइव लोकेशन भेज रहा था। जैसे ही कैश वैन मौके पर पहुंची, बदमाश अंदर घुस गए और लूट की कोशिश शुरू कर दी।
पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई वारदात
घटना के समय कैश वैन चल रही थी और कुछ दूरी पर रानी पोखर पिकेट के पास पुलिस वाहन जांच कर रही थी। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन आगे बढ़ाया और पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने मौके पर ही प्रेम कुमार और प्रभात कुमार को पकड़ लिया।
12 घंटे में तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार
घटना के बाद फरार आरोपी अमन कुमार की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, एक मैगजीन, तीन कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से करीब एक करोड़ 99 लाख रुपये की लूट टल गई। साथ ही कैश वैन में मौजूद कर्मचारियों की जान भी सुरक्षित बच गई।
एफआईआर में क्या कहा गया
सीएमएस कंपनी के कस्टोडियन चंदन कुमार ने सराय थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि महुआ स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम में नकदी डालने के बाद वे करीब एक करोड़ 99 लाख रुपये लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार ने उनकी वैन का रास्ता रोका। एक बदमाश पिस्तौल लेकर वैन में घुस गया और सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनने की कोशिश की। चालक ने हिम्मत दिखाते हुए वाहन सीधे पुलिस पिकेट तक पहुंचाया, जहां पुलिस की मदद से प्रेम कुमार को हथियार सहित पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम कुमार निवासी रहीमापुर, थाना बिदुपुर, प्रभात कुमार निवासी राजासन, थाना बिदुपुर और अमन पटेल निवासी बिहरा, जिला वाराणसी शामिल हैं। इस मामले में सराय थाना कांड संख्या 231/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं फरार एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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कैश ऑफिसर ही निकला साजिश का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया कि सीएमएस कंपनी में कार्यरत कैश ऑफिसर प्रभात कुमार ही इस लूट का मास्टरमाइंड था। वह कैश वैन की पूरी जानकारी अपने साथियों तक पहुंचा रहा था। घटना के दिन वह लगातार अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए कैश वैन की लाइव लोकेशन बदमाशों को भेज रहा था।
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बदमाशों के पहुंचते ही खोल दिया वैन का गेट
जांच में पता चला कि जैसे ही बदमाश कैश वैन के पास पहुंचे, प्रभात कुमार ने पहले से ही वैन का गेट खोल दिया। इसके बाद हथियारबंद बदमाश वैन के अंदर घुस गए और कैश लूटने का प्रयास करने लगे। हालांकि चालक और अन्य कर्मचारियों की बहादुरी तथा पुलिस की तत्परता से कैश लूटा नहीं जा सका।
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ऑनलाइन गेम से हुई दोस्ती, फिर बनी लूट की योजना
पुलिस के अनुसार प्रभात कुमार और अमन कुमार की दोस्ती ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान हुई थी। इसी दौरान दोनों ने कैश वैन लूटने की योजना बनाई। बाद में अन्य साथियों को भी इस साजिश में शामिल किया गया।
23 जून को भी हुई थी लूट की कोशिश
पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बदमाशों ने पहली बार 23 जून को कैश वैन लूटने की योजना बनाई थी, लेकिन उस दिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद 25 जून को दोबारा पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करीब एक महीने से कैश वैन के आने-जाने के रास्ते और सुनसान स्थानों की रेकी कर रहे थे। प्रभात कुमार कंपनी की गोपनीय जानकारी भी अपने साथियों को देता था।
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रानी पोखर के पास किया गया हमला
25 जून को चारों आरोपी एक कार से रानी पोखर पिकेट के पास पहुंचे और सुनसान जगह पर कैश वैन का इंतजार करने लगे। प्रभात कुमार लगातार वैन की लाइव लोकेशन भेज रहा था। जैसे ही कैश वैन मौके पर पहुंची, बदमाश अंदर घुस गए और लूट की कोशिश शुरू कर दी।
पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई वारदात
घटना के समय कैश वैन चल रही थी और कुछ दूरी पर रानी पोखर पिकेट के पास पुलिस वाहन जांच कर रही थी। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन आगे बढ़ाया और पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने मौके पर ही प्रेम कुमार और प्रभात कुमार को पकड़ लिया।
12 घंटे में तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार
घटना के बाद फरार आरोपी अमन कुमार की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, एक मैगजीन, तीन कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से करीब एक करोड़ 99 लाख रुपये की लूट टल गई। साथ ही कैश वैन में मौजूद कर्मचारियों की जान भी सुरक्षित बच गई।
एफआईआर में क्या कहा गया
सीएमएस कंपनी के कस्टोडियन चंदन कुमार ने सराय थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि महुआ स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम में नकदी डालने के बाद वे करीब एक करोड़ 99 लाख रुपये लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार ने उनकी वैन का रास्ता रोका। एक बदमाश पिस्तौल लेकर वैन में घुस गया और सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनने की कोशिश की। चालक ने हिम्मत दिखाते हुए वाहन सीधे पुलिस पिकेट तक पहुंचाया, जहां पुलिस की मदद से प्रेम कुमार को हथियार सहित पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम कुमार निवासी रहीमापुर, थाना बिदुपुर, प्रभात कुमार निवासी राजासन, थाना बिदुपुर और अमन पटेल निवासी बिहरा, जिला वाराणसी शामिल हैं। इस मामले में सराय थाना कांड संख्या 231/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं फरार एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।