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बिहार: शहीद के पिता बोले- दूसरे बेटे को भी फौज में भेजूंगा, पाकिस्तान से बदला लो

Sat, 16 Feb 2019 06:32 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 16 Feb 2019 06:32 PM IST
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martyred father says of the will also send his second son to the army.
शहीद रतन कुमार के पिता - फोटो : ANI
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए बिहार के भागलपुर जिले के जवान रतन कुमार मंडल का शव शनिवार को उनके पैतृक गांव रतनपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही शहीद की अंतिम विदाई देखने को हजारों लोग उमड़ पड़े।    
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वहीं, शहीद के पिता की आंखों में आंसू थे, लेकिन मन में उबाल था। आक्रोश फूटा तो बोल पड़े कि अपने दूसरे बेटे को भी फौज में भेजूंगा, पाकिस्तान से बदला लो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस हमले का माकूल जवाब मिलना चाहिए।
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रतन ठाकुर के पिता का कहना है कि बेटे को पढ़ाने के लिए उन्होंने मजदूरी की। सड़कों पर जूस बेचा और यहां तक कि ठेले लगाकर कपड़े तक बेचे। मगर अब सब खत्म हो गया। आतंकियों ने मेरे बेटे को मार दिया। साल 2011 में रतन सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। उसकी पहली पोस्टिंग गढ़वा में हुई थी। उसकी नौकरी के बाद घर की गरीबी धीरे-धीरे खत्म हो रही थी। लेकिन अब हम किसके सहारे जिएंगे। 


वहीं शहीद की पत्नी ने बताया कि डेढ़ बजे उनका फोन आया था और रात को फोन करने की बात कही थी। मैं उनके फोन का इंतजार कर रही थी। रात को हमें उनके शहीद होने की खबर मिली। आतंकी हमलों में जो जवान शहीद हुए हैं, उनमें से कोई दो दिन पहले ही छुट्टी बिताकर लौटा था तो किसी ने घटना से कुछ मिनट पहले ही परिवारवालों को अपनी सलामती की बात बताई थी। 
 
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