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Nalanda: अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने बैरंग लौटाया, 40 साल से करीब 130 घरों में बसे हैं महादलित

Wed, 31 May 2023 04:39 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 31 May 2023 04:39 PM IST
सार

ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग पिछले 40 सालों से इस जगह पर रह रहे हैं। करीब 120 से 130 घरों में 600 लोग रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इस जगह से हटाकर दूसरी जगह टुकड़ों में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

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Mahadalit families returned the police who came to remove encroachment in a village of Nalanda
शिवनंदन नगर गांव से वापस लौटता पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के नालंदा जिले के एक गांव में बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। उसके बाद पुलिस बिना अतिक्रमण हटाए बैरंग ही लौट गई। यह मामला रहुई प्रखंड के सोनसा पंचायत अंतर्गत शिवनंदन नगर गांव का है।

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जानकारी के मुताबिक, दोपहर में सदर एसडीओ अभिषेक पलासिया, डीएसपी डॉ. शिब्ली नोमानी, डीसीएलआर, तीन थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल शिवनंदन नगर गांव पहुंचा। पुलिस प्रशासन के पहुंचने के बाद ही ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया और उन्हें पीछे हटने को मजबूर कर दिया।
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शिवनंदन नगर गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंचा पुलिस-प्रशासन

यह है पूरा मामला
दरअसल, कलकलिया घाट के किनारे शिवनंदन नगर गांव बसा कर पिछले 40 सालों से महादलित रह रहे हैं। सोनसा गांव के रहने वाले सीताराम प्रसाद ने कोर्ट में शिकायत की थी। इसके बाद कोर्ट ने यह आदेश पारित किया कि कलकालिया घाट किनारे बसे महादलितों को वहां से हटाया जाए और दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन आज बुधवार को गांव पहुंचा था। 
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गांव में कई सरकारी योजनाओं से किया गया है काम
ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग पिछले 40 सालों से इस जगह पर रह रहे हैं। करीब 120 से 130 घरों में 600 लोग रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इस जगह से हटाकर दूसरी जगह टुकड़ों में शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में सरकारी फंड से नल जल योजना, शौचालय, चबूतरा और इंदिरा आवास सहित बिजली के कनेक्शन सहित कई योजनाओं का निर्माण हो रखा है। वहीं, अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

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