राष्ट्रपति चुनाव: किंगमेकर बनने की तैयारी में लालू, केजरीवाल-ममता में आधे घंटे मुलाकात
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राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से साझा उम्मीदवार उतारने की कोशिशों के बीच बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। केजरीवाल के साथ आप नेता राघव चड्ढा भी थे।
दिल्ली के सीएम ने ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के आवास पर उनसे मुलाकात की। जब ममता से पूछा गया कि क्या बातचीत के दौरान राष्ट्रपति के साझा उम्मीदवार पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा, जब दो नेता मिलते हैं तो साफ है कि सियासी मुद्दों पर ही चर्चा होती है।
दोनों नेताओं के बीच 30 मिनट तक चर्चा हुई। मालूम हो कि मंगलवार को ममता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
किंगमेकर बनने की तैयारी में लालू
भाजपा के खिलाफ मोर्चा बनाने की मुहिम में जुटे लालू यादव को ममता दीदी का समर्थन मिल गया है। आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद मिले इस समर्थन ने लालू को बड़ी ताकत दी है। 27 अगस्त को प्रस्तावित अपनी बड़ी रैली की तैयारी में वह पूरी ताकत से जुट गए हैं।
पटना में 27 अगस्त की महारैली से न केवल लालू प्रसाद देश की राजनीति में लौटेंगे, बल्कि एक बार फिर किंगमेकर की भूमिका में आएंगे। विपक्षी एकता की मुहिम के लिए लालू प्रसाद जून में तमिलनाडु जाएंगे और दक्षिण के नेताओं को लामबंद करने की कोशिश करेंगे। राजद की मानें तो लालू तमाम ऐसे नेताओं से संपर्क साध रहे हैं, जो भाजपा के साथ खड़े नहीं हैं।
इस सिलसिले में लालू को बड़ी सफलता उस वक्त मिली, जब दिल्ली में सोनिया और केजरीवाल से मुलाकात करने पहुंची पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगस्त की रैली में पटना जाने की बत कही। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि उससे पहले वह लालू को जेल भिजवा देगी।
ममता बनर्जी से मिले समर्थन से गदगद हैं लालू
बहरहाल, ममता बनर्जी से मिले समर्थन से गदगद राजद का दावा है कि लालू प्रसाद अगस्त की महारैली में पूरे विपक्ष को एक मंच ला कर भाजपा को केंद्र से बेदखल करने का ऐलान करेंगे।
जानकारों की माने तो राष्ट्रपति चुनाव में ही एकजुट विपक्ष की पहली तस्वीर दिख सकती है। इतना ही नहीं, गुजरात में कांग्रेस के समर्थन में भी संयुक्त विपक्ष प्रचार में उतर सकता है। इसके लिए लालू प्रसाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संपर्क में हैं।
यह धारणा कायम होती जा रही है कि भाजपा को रोकने का एकमात्र मॉडल बिहार के पास है। भाजपा की लाख कोशिश के बावजूद बिहार में गठबंधन अटूट बना हुआ है। अब देखना है कि लालू अपने मुहिम में सफल होते हैं या फिर सुशील मोदी की वह बात सच होगी जिसमें कहा गया है कि लालू जेल में रहेंगे तो रैली कैसे करेंगे।
मायावती को राज्यसभा भेज महागठबंधन में ला सकते हैं लालू
भाजपा के खिलाफ मोर्चा बनाने की मुहिम में जुटे लालू प्रसाद ने ममता दीदी से समर्थन मिलने के बाद बहन मायावती से बात की है। बसपा सुप्रीमो मायावती से हुई लालू प्रसाद की बातचीत को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सपा और बसपा को साथ लाए बिना देश में विपक्ष का महागठबंधन संभव नहीं है। मुलायम के परिवार से लालू की रिश्तेदारी है और अखिलेश पहले ही मायावती के साथ खड़े होने की बात कह चुके हैं। ऐसे में लालू अब मायावती को साथ लाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
मायावती और लालू के बीच हुई बातचीत की पुष्टि मायावती के करीबी माने जानेवाले एक पूर्व संपादक ने की है। उनकी मानें तो दोनों नेताओं के बीच सहमति का जो फार्मूला सामने आया है उसके अनुसार राजद बिहार से मायावती को राज्यसभा भेज सकता है।
वर्तमान हालात में बसपा की ऐसी स्थिति नहीं है कि वह मायावती को अपने दम पर राज्य सभा भेज सके। लालू प्रसाद अगर मायावती को राज्यसभा भेज कर अपने मोर्चे में शामिल कर लेते हैं तो भाजपा के लिए यूपी उतना ही मुश्किल हो जाएगा जितना बिहार।