अपहरणकर्ता दंपत्ति चढ़ा पुलिस के हत्थे
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फरवरी में हुए एक सनसनीखेज अपहरण कांड के मुख्य आरोपी गिरीश पाठक और उसकी पत्नी अनामिका को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शनिवार को सराय काले खां बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। रविवार को दोनों को पटना लाया गया।
पटना के एक व्यापारी मोहन खंडेलवाल के बेटे शिवम खंडेलवाल (13) का अपरहरण उनके पारिवारिक ड्राइवर गिरीश ने कर लिया था। उसने दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। 14 घंटे में ही पटना पुलिस ने शिवम को भोजपुर जिले से बरामद कर लिया था।
पत्नी ने रखवाया था नौकरी पर
पटना के एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि अनामिका, मोहन खंडेलवाल के होटल में रिसेप्शिनिसिट का काम करती थी। खबर से भी है कि उसने ही अपने पति को मोहन खंडेलवाल से कह कर नौकरी पर रखवाया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी दंपत्ति हरियाणा के महेश्वर में रह रहा था और एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था। अनामिका ने पुलिस को बताया कि उसे पता नहीं था कि उसके पति ने अपहरण जैसे अपराध को अंजाम दिया है। उसके मुताबिक उसे तो खबर की जानकारी अखबार से मिली। वो गिरीश से तलाक लेना चाहती थी लेकिन गिरीश तैयार नहीं हुआ और उसे हरियाणा ले आया।
इस तरह पकड़ा पुलिस ने
सेंट जोसेफ हाइ स्कूल में पढ़ने वाले शिवम का गिरीश ने अपहरण कर लिया था। गिरीश को शिवम के पिता ने एक महीने पहले ही काम पर रखा था। पुलिस ने इस मामले में बैंगलोर में ट्रेवल एजेंसी चलाने वाले प्रदीप कुमार पाठक और अभिषेक सिंह काम के एक सीआरपीएफ जवान को गिरफ्तार किया था। अभिषेक की पोस्टिंग झारखंड के सारंदा की 197वीं बटालियन में थी।
एसएसपी ने बताया कि,"पुलिस ने पटना में सीसीटीवी कैमरा लगाए हुए हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो नंबर प्लेट की साफ साफ तस्वीरें ले सकते हैं। हमने कार का नंबर और उसकी दिशा का पता लगा लिया था।"