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बिहारः शहाबुद्दीन पर पत्रकार की हत्या का शक, गुर्गा उपेन्द्र देता रहता था धमकियां

Mon, 16 May 2016 11:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 May 2016 11:01 PM IST
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journalist murder case: Shahabuddin has suspect the killing of journalist

बिहार में पत्रकार की हत्या के मामले में पुलिस ने कई और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से उपेन्द्र नाम का आरोपी राजद का सक्रिय कार्यकर्ता बताया जा रहा है। 

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उपेन्द्र को सीवान जेल में बंद कुख्यात शहाबुद्दीन का नजदीकी बताया जा रहा है। माना जा रहा है शहाबुद्दीन के इशारे पर ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
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दूसरी ओर राजदेव रंजन की पत्नी आशा ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार आशा ने बताया कि उसके प‌ति को अक्‍सर धमकी भरे  फोन आते रहते थे। आशा ने बताया कि उपेन्द्र एक भट्टा मालिक है जो अक्सर राजदेव को बुलाया करता था। 
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जेल में बंद शाहबुद्दीन के बारे में लिखने पर अक्सर राजदेव को धमकियां दी जाती थीं। लेकिन वह इसे अपने पेशे का ही हिस्सा मानकर दरकिनार कर देते थे। आशा के अनुसार उपेन्द्र सीवान में राजनीतिक संरक्षण के कारण अपने रसूख का खूब मजा लेता था। 

शाहबुद्दीन के निशाने पर थे राजदेव रंजन

journalist murder case: Shahabuddin has suspect the killing of journalist

पिछले साल हुई भाजपा सांसद ओम प्रकाश यादव के प्रेस सलाहकार श्रीकांत भारती की हत्या के मामले में वह नामजद था। हालांकि राजदेव रंजन की हत्या के मामले में हुई एफआईआर में उपेन्द्र को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने उसे शराब के मामले में गिरफ्तार किया है लेकिन उससे राजदेव की हत्या मामले में भी पूछताछ की जा रही है। 

पुलिस ने अभी तक मामले में 11-12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं इससे संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में पुलिस ने एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है जिसने फल मंडी में सीसीटीवी कैमरा लगाया था। ये वही जगह है जहां शुक्रवार शाम रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 

आश्चर्यजनक रूप से सीसीटीवी कैमरे में 11 मई के बाद की फुटेज गायब मिली है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इंजीनियर से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है कि उसने किसके कहने पर वीडियो फुटेज डिलीट की है। 

दूसरी ओर पुलिस ने मामले में प्रतापपुर निवासी मुंशी मियां को भी हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार मुंशी उन सात लोगों में एक हो सकता है जिन्होंने रंजन की हत्या के संबंध में सूचनाएं दी। सीवान के एसपी सौरव कुमार ने बताया कि उन्होंने कुछ और अन्य संदिग्‍धों की भी पहचान की है। 

जेल की तस्वीरें बाहर लाने से खफा था शाहबुद्दीन

journalist murder case: Shahabuddin has suspect the killing of journalist

वहीं सीवान के भाजपा सांसद ओम प्रकाश यादव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में राजदेव रंजन को चेतावनी दी थी। उन्होंने बताया कि स्पेशल ब्रांच के एसपी ने जब सीवान के जिलाधिकारी और एसपी को 7 दिसंबर 2014 को लिखित में सूचना दी थी‌ कि शहाबुद्दीन की हिट लिस्ट में 23 लोगों के नाम हैं। 

मैंने तब ही रंजन को बताया था कि वह संभलकर रहें इस लिस्ट में उनका नाम भी है। हालांकि सूची के सभी नामों के बारे में किसी को जानकारी नहीं थी लेकिन हमें अंदाजा था कि कुछ पत्रकार उसके निशाने पर हो सकते हैं। खासकर राजीव रोशन जो तेजाब मामले में प्रमुख गवाह था। 

वहीं पत्रकार हत्या मामले में पुलिस कई एंगल पर काम कर रही है इनमें से एक एंगल ये भी है कि कुछ दिन पहले‌ जेल से तीन कैदी फरार हो गए थे उनमें से ही किसी पर रंजन की हत्या का शक गहरा रहा है। माना जा रहा है शाहबुद्दीन के शूटर आलमगीर ने ही इस वारदात को अंजाम दिया। 

दूसरी ओर कुछ दिन पहले शहाबुद्दीन की जेल में मिठाई खाते हुए तस्वीरें मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया पर भी शेयर हुई थी। सूत्रों के अनुसार शाहबुद्दीन को शक था कि इन तस्वीरों को सबके सामने लाने में राजदेव रंजन का ही हाथ है। उन्होंने ही मीडिया में ये तस्वीरें प्रकाशित की थीं। इस बात से भी शहाबुद्दीन रंजन से नाराज चल रहा था।

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