JDU Party : दरभंगा में जदयू कार्यकर्ता सम्मेलन; मिथिलांचल में एक तीर से दो निशाने भेदने की तैयारी समझें
Bihar : अगड़ी जातियों, खासकर ब्राह्मण प्रभाव वाले मिथिलांचल को लक्ष्य कर जनता दल यूनाईटेड दरभंगा में कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहा है। लेकिन, लक्ष्य सिर्फ यही नहीं। जानिए गणित...
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पिछले करीब एक हफ्ते से दरभंगा गरम है। मौसम के साथ राजनीतिक तापमान के कारण भी। राजनीतिक तापमान भी सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के अंदर ही ज्यादा गरम है। यह गरमी शनिवार को और बढ़ेगी। मंच से भी और मंच के माहौल से भी। उसकी वजह तक जाने के पहले आज का कार्यक्रम और उसका लक्ष्य जान लेना अच्छा है। दरअसल, अगड़ी जातियों, खासकर ब्राह्मण प्रभाव वाले मिथिलांचल को लक्ष्य कर जनता दल यूनाईटेड दरभंगा में कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहा है। लेकिन, लक्ष्य सिर्फ यही नहीं। इसी हफ्ते दरभंगा की मेयर अंजुम आरा की जदयू में एंट्री, पिछले करीब डेढ़ महीने से राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय झा का केंद्र पर मिथिलांचल की 'अ’सुविधा को लेकर हमलावर रुख और इस कार्यक्रम का दरभंगा में होना- तीनों ही अंतिम तौर पर एक बड़े लक्ष्य की ओर कदम है।
अब जानिए, दरभंगा और मधुबनी का सियासी गणित
दरभंगा में कुल दस विधानसभा सीट है। इनमें से अभी 6 पर भाजपा और एक सीट पर राजद और तीन पर जदयू के कब्जा है। कुशेश्वरस्थान सीट से जदयू के अमन भूषण हजारी विधायक हैं। वहीं गौडबोराम से भाजपा की स्वर्णा सिंह है। बेनीपुर से जदयू के विनय चौधरी, विधायक हैं। अलीनगर से भाजपा के मिश्रीलाल यादव जबकि ग्रामीण से राजद ललित यादव, विधायक हैं। शहरी विधान सभा सीट लगातार 5 बार से भाजपा के संजय सरावगी विधायक हैं। वहीं जाले से भाजपा के जीवेश मिश्रा और हायाघाट से भी भाजपा के श्रीरामचन्द्र साह विधायक हैं। दरभंगा संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद गोपाल जी ठाकुर है। मधुबनी की बात करें तो यहां लोकसभा की सीट से भाजपा के अशोक यादव सांसद हैं। मधुबनी में भी दस विधानसभा सीटे हैं। इसमें अभी जदयू के पास 3 सीटें पर कब्जा है। इसमें फुलपरास, हरलाखी और बाबूबरही शामिल हैं। यहां की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। इनमें विस्फी, बेनीपट्टी, खजौली, झंझारपुर, राजनगर शामिल हैं। वहीं मधुबनी शहर और लौकहा की सीट पर राजद का कब्जा है।
दरभंगा और मधुबनी के सीटों पर किस पार्टी का क्या हाल
- भाजपा- 2 लोकसभा, 11 विधानसभा
- राजद- 3 विधानसभा
- जदयू- 6 विधानसभा
दरभंगा की मेयर अंजुम आरा कुछ दिन पहले ही जदयू में शामिल हुईं
पिछले साल दिसंबर में संपन्न हुए मेयर चुनाव में पहली बार सीधे जनता ने वोट किया था। पहले वार्ड पार्षद मेयर चुनते थे। इस बार लोगों ने मेयर को चुना। एक तरह से देखें तो किसी विधायक से वोटर के मामले में मेयर का पद ज्यादा शक्तिशाली है। इस निकाय चुनाव में दरभंगा की मेयर अंजुम आरा बनीं। 3 दिन पहले ही कांग्रेस का हाथ छोड़ जदयू के साथ आ गई थीं। पार्टी का दामन थामते ही मेयर अंजुम आरा ने कहा कि दरभंगा की मेयर नीतीश कुमार की बदौलत बनी हूं। नीतीश कुमार ने महिलाओं को आरक्षण देकर आगे बढ़ाने का काम किया है। नीतीश कुमार की नीतियों से प्रभावित होकर ली। अंजुम आरा ने धर्मशिला गुप्ता 8734 वोट से हराया। चुनाव में उन्हें 30114 वोट मिले थे।
अब जानिए बिहार सरकार के मंत्री संजय झा द्वारा मिथिलांचल में उठाए गए मुद्दे
5 साल में दरभंगा शहर का कायाकल्प करना करने का वादा
- मंत्री संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लोक कल्याणकारी कार्यों एवं ऐतिहासिक फैसलों से प्रभावित होकर मेयर अंजुम आरा ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की दरभंगा शहरी क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर इनसे विस्तृत चर्चा हुई है। हमें अगले 5 साल में दरभंगा शहर का कायाकल्प करना है। संजय झा ने शहर में जाम की समस्या प्रदूषण और कचरा से मुक्ति दिलाने की भी बात कही।
दरभंगा एयरपोर्ट के किराये को लेकर लगातार केंद्र सरकार का घेराव
- मंत्री संजय झा ने कहा कि उड़ान स्कीम में चप्पल वाला हवाई जहाज पर चढ़ेगा। बिहार सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर सिर्फ एक पर्सेंट टैक्स लेती है। फिर भी दरभंगा से उड़ने वाली फ्लाइट का किराया पटना से ज्यादा है। यहां से प्लास्टिक चप्पल वाला तो नहीं ही उड़ेगा। दरभंगा एयरपोर्ट पर प्लास्टिक की कुर्सियां जरूर लगा दी गई है। क्या ढंग से कुर्सियां लगाने के लिए भी जमीन चाहिए उन्होंने इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार को घेरा है।
मिथिलांचल वासियों को रेल की सौगात
- मंत्री संजय झा ने कहा कि दिल्ली से दरभंगा के बीच सिर्फ संपर्क क्रांति स्वतंत्रा सेनानी क्लोन स्पेशल और हफ्ते में 2 दिन गरीब रथ ट्रेन ही चलाई जाती है। तेजस और वंदे मातरम जैसी कोई सेमी हाई स्पीड ट्रेन नहीं है। साधारण ट्रेनों के विभाग में भी कमी है उन्होंने केंद्र सरकार से प्रश्न किया कि मिथिला के यात्रियों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों?