नीतीश-प्रशांत किशोर की मुलाकात आज, केजरीवाल को मिला 'पीके' का साथ
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नागरिकता संशोधन विधेयक पर जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर बगावती तेवर के बीच आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वो आज पार्टी छोड़ने का एलान कर सकते हैं। इसी बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद इस बात को और बल मिला है। केजरीवाल ने बताया है कि अब प्रशांत किशोर दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए काम करेंगे।
प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहींJanata Dal-United (JDU) Vice President Prashant Kishor will be meeting Bihar Chief Minister Nitish Kumar today. pic.twitter.com/dG7iWhgZKl
— ANI (@ANI) December 14, 2019विज्ञापन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि प्रशांत किशोर की अपनी कोई जमीन नहीं है। प्रशांत किशोर ने पार्टी के लिए आज तक क्या किया? आज तक एक भी सदस्य नहीं बनाया। जिन्हें पार्टी से जाना है जाए।
जेडीयू नेता सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें बहुत सम्मान दिया। पार्टी की ओर से कार्रवाई करने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि हम क्यों उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे? उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जो पार्टी के लिए काम करते हैं। ये लोग आज तक एक भी सदस्य नहीं बना सके।
गौरतलब है कि नागरिकता कानून को लेकर जेडीयू के अंदर दो हिस्से हो गए थे। जब पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इसपर सवाल खड़े किए। इसके बाद पवन वर्मा ने भी इस कानून को लेकर पार्टी से इतर विरोध के सुर अलापे।
प्रशांत किशोर ने इस कानून के विरोध में ट्वीट कर कहा था कि यह धर्म के आधार पर प्रताड़ित करने का आधार बनेगा। जिसके बाद पार्टी ने दोनों को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि पार्टी लाइन से हटकर बोलने वालों के विचार उनके निजी हो सकते हैं। ऐसे लोगों को इधर-उधर बोलने की बजाए पार्टी फोरम में अपनी बात रखनी चाहिए।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने साफ-साफ शब्दों में कहा था कि जो भी नेता अनावश्यक बयान दे रहे हैं उससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। चाहे कोई भी हो उसे नीतीश कुमार के व्यवक्तित्व, नेतृत्व और फैसले पर सवाल उठाने की किसी को इजाजत नहीं है।