Vote Adhikar Yatra: जर्जर सड़क को लेकर रफीगंज विधायक के खिलाफ फूटा आक्रोश, लगे 'रोड नहीं तो वोट नहीं' के नारे
Bihar: करीब दो किलोमीटर लंबी यह सड़क बरसात के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन रुक जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक और अधिकारियों को बार-बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दी गई, लेकिन केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं।
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राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की 'वोट अधिकार यात्रा' के दूसरे दिन सोमवार को रफीगंज के विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने "रोड नहीं तो वोट नहीं" के नारे लगाए और विरोध जताया।
गांववालों ने लगाया वोट बहिष्कार का बैनर
ग्रामीणों का आरोप है कि इस्माइलपुर-गया पथ से गोरडीहा के पास निकली चकलदह-कुंवर बिगहा सड़क आज भी कच्ची है। विधायक द्वारा इसके पक्कीकरण का आश्वासन देने के बावजूद अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसी को लेकर ग्रामीणों ने यात्रा के दौरान सड़क के शुरुआती बिंदु पर "रोड नहीं तो वोट नहीं" का बैनर लगाया, जो चर्चा का विषय बना रहा।
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बरसात में ठप हो जाता है आवागमन
करीब दो किलोमीटर लंबी यह सड़क बरसात के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन रुक जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक और अधिकारियों को बार-बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दी गई, लेकिन केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं।
राहुल की यात्रा के दौरान फूटा गुस्सा
'वोट अधिकार यात्रा' जब सड़क के पास से गुजरी तो ग्रामीणों ने विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर मौजूद लोगों के बीच वोट बहिष्कार का बैनर और ग्रामीणों का विरोध चर्चा का विषय बना रहा।